सतगुरू से मिलने का साधन है सत्संग-संत गोरधन दास
अहंकार से बाहर निकलने के लिए सत्संग जरूरी.-संत राजकुमार दास
रिपोर्ट-एसडी गौतम
नागल-अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन गुरु गद्दी शुक्रताल के तत्वाधान में गांव पांडोली में एक विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग का शुभारंभ सतगुरु रविदास जी महाराज सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज के श्री चरणों में गुरु पूजा अर्पित कर आरती वंदना से किया।
कार्यक्रम में गुरु गद्दी शुक्रताल से पहुंचे संत श्री गोवर्धन दास जी महाराज ने फरमाया कि सतगुरु अखंड अमर अविनाशी है इसलिए सत्संग सतमार्ग दर्शाकर सतगुरु से मिलने का साधन है और जहां सत है वही गुरु है। उन्होंने सत्संग की महिमा का बखान करते हुए कहा कि सतगुरु रविदास जी महाराज के सत्संग रूपी ज्ञान को संसार में फैलाकर सतगुरु समनदास जी महाराज ने मानव जीवों का उद्धार किया है। उपाध्यक्षता करते हुए महात्मा राजकुमार दास ब्रह्मचारी ने कहा कि आज का इंसान मान बड़ाई में पड़कर अहंकार में डूबता जा रहा है जिससे बाहर निकलने के लिए सत्संग जरूरी है उन्होंने अहंकार, घमंड, ईर्ष्या व द्वेष आदि को त्यागकर सभी से प्रेमपूर्वक रहने की बात कही। कार्यक्रम में पत्रकार एसडी गौतम ने संविधान में प्रदत्त अधिकारों को प्राप्त कर महापुरुषों की विचारधारा को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए सभी से गंदे खान पीन छोड़ने व अंधविश्वास से दूर होकर तथा अपने बच्चो को शिक्षा की ओर अग्रसित करने की बात कही।
कार्यक्रम में बसपा नेता नफेसिंह, भीम आर्मी नेता बुल्ला शाह, महात्मा गुरुमुख दास, अभय दास, परमाल सिंह गोंदवाल व मित्रसेन रविदासी ने भी विचार व्यक्त करते हुए सभी से सतगुरु रविदास जी महाराज के मार्ग पर चलने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन मास्टर विपिन कुमार ने किया। सुरक्षा की दृष्टि से थाना निरीक्षक कुसुम भाटी द्वारा उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, एसआई अश्वनी शर्मा व एसआई अशोक मिश्रा समेत पुलिसबल तैनात किया गया था। इस दौरान महा. महीपाल दास, महा. नत्था दास, महा. काशीदास, महा. दर्शनदास, महा. सरजीत दास, धर्मपाल दास, समाजसेवी रामपाल सिंह गौतम, सूरजभान, संदीप दास, रोहित नौटियाल, गोविंद सरपंच, मनीष कुमार, परविंदर रविदासी, महेशपाल, महेंद्र सिंह, अंकुर, नेत्रपाल, पुष्पेंद्र रविदासिया, फूलसिंह, कपिल दास, मोहन सिंह, शेखर कुमार, योगेश मास्टर, सोनू कुमार, गौरव पालीवाल, विकास नौटियाल, आकाश, ईसम सिंह, सतीश दास, कालादास, अनिल कुमार, मांगेराम व अनुज कुमार समेत हजारों अनुयाई मौजूद रहे।
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