लोक अदालत में चैक बाउंस के 212मुकदमों का निस्तारण एवं 56042106/-रू.की धनराशि पर समझौता
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून-राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली एवं उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के दिशा-निर्देशन में शनिवार को जनपद देहरादून के समस्त न्यायालयो में एन.आई.एक्ट के अतंर्गत चेक बाउंस से संबंधित मामलों के निस्तारण हेतु आयोजित विशेष लोक अदालत में एक ही दिन में चैक बाउंस के 212मुकदमों का निस्तारण एवं 56042106 /-रू.की धनराशी पर समझौता हुआ।
इस लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर 04मामलों का निस्तारण किया गया।जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल के मार्ग दर्शन में आयोजित इस विशेष लोक अदालत के सफल संचालन में सभी न्यायिक अधिकारियों,अधिवक्ताओं,बैंक प्रतिनिधियों,पक्षकारों एवं न्यायालय कर्मियों का सराहनीय सहयोग रहा तथा पक्षकारों को त्वरित,सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय प्राप्त हुआ। न्यायालयों में लंबित वादों के बोझ को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,देहरादून ने सभी पक्षकारों से अपील की है कि वे आपसी सहमति से निस्तारण योग्य मामलों में लोक अदालत की व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ उठाएं।लोक अदालत के माध्यम से न केवल समय व धन की बचत होती है, बल्कि विवादों का स्थायी एवं सौहार्द्धपूर्ण समाधान भी सुनिश्चित होता है।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन में भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया जाएगा,ताकि प्रत्येक नागरिक को सुंगम,त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराया जा सके।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि विवाद का सर्वाेत्तम समाधान वही है जो दोनों पक्षों की सहमति और संतुष्टि से है।लोक अदालत इसी भावना को साकार करते हुए सुलभ, त्वरित एवं सौहार्द्धपूर्ण न्याय का प्रभावी मंच प्रदान करती है।लोक अदालतों के माध्यम से न्यायालयों में लांबित मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण संभव हो रहा है।चैक बाउंस जैसे मामलो मे आपसी सहमति से समाधान समय,धन और ऊर्जा-तीनों की बचत करता है तथा न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाता है।
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