भागवत कथा श्रवण और अनुसरण से मिट जाते हैं सारे पाप-चिन्मय बापू
सच्चे मन से हरि स्मरण करने मात्र से ही प्राप्त हो जाता है मोक्ष-श्रीमहंत विष्णुदास
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- 21वें गुरू स्मृति महोत्सव के तहत आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन कथा का शुभारम्भ व्यास गदद्ी की पूजा और आरती के साथ किया गया। कथा प्रारम्भ होने के अवसर पर श्रीमद् जगद्गुरू द्वाराचार्य श्रीमलूक पीठाधीश्वर श्रीमहंत राजेन्द्र दास महाराज ने व्यास गदद्ी पर पूजा अर्चना की। गंगा सप्तमी के अवसर पर मां गंगा की पूजा अर्चना भी की गयी।सायंकाल गंगा की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी।
छठे दिन कथा व्यास चिन्मय बापू ने भागवत कथा श्रवण को जीवन का सबसे बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि कथा श्रवण और अनुसरण से मनुष्य का हर पाप मिट जाता है।उन्होने बताया कि अजामिल प्रारंभ में एक धार्मिक और संस्कारी व्यक्ति था।लेकिन बुरी संगति के कारण वह गलत मार्ग पर चल पड़ा।उसने अपने जीवन में अनेक पाप किए। परंतु मृत्यु के समय अपने पुत्र का नाम नारायण पुकारने से उसे भगवान का स्मरण हो गया।उन्होने कहा कि भागवत कथा श्रवण मनुष्य को सीख देता है कि संसारिक माया में रहते हुए भी ईश्वर की भक्ति और सदाचार का मार्ग अपनाना आवश्यक है।उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्रीमहंत विष्णु दास महाराज ने श्रद्वालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर भी व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग प्राप्त हो सकता है।मनुष्य कितना भी भटक जाए।यदि वह ईश्वर की शरण में लौट आए तो उसका जीवन सुधर सकता है।हर मनुष्य को अपने कर्मों के प्रति सजग रहना चाहिए,क्योंकि अच्छे कर्म जीवन को सुखमय बनाते हैं। कथा श्रवण करने वालों में श्रीमहंत सरयू दास महाराज,महंत विमल दास महाराज,महंत प्रेमदास महाराज सहित श्रीमती चांद,बृजमोहन सेठ,श्वेता,नितिन सेठ, वन्दना,भव्य एवं अनिरूद्व के अलावा पुनीत दास अधिकारी,राघवेन्द्र दास,अमन दास,रामचन्द्र दास,गणेश,शालीग्राम,अमर दास,गौरव के अलावा उछाली आश्रम के सेवकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्वालु मौजूद रहे।
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