बायोलोजिक्स दवाईया शुरू करने से पहले मरीज की सही जांच जरुरी,वरना मरीज को फायदे के बजाय नुकसान हो जाएगा-डॉ कलीम अहमद
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया ,सहारनपुर ब्रांच की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन जी.पी.ओ.रोड स्थित होटल के सभागार मे हुआ, जिसमे एलकैमिस्ट हास्पिटल पंचकूला से आए डॉक्टर विशाल शर्मा तथा डॉक्टर करन सिंगला ने अपने विचार रखे।
डॉक्टर विशाल शर्मा ने कहा कि अब फेफडे की गम्भीर से गम्भीर बीमारी की जांच तथा इलाज अत्याधुनिक मशीनो द्वारा सम्भव है।उन्होने कहा कि EBUS द्वारा फेफडे का अल्ट्रासाउंड सम्भव है। डॉक्टर करन सिंगला ने बताया कि बायोलोजिक्स दवाईया अस्थमा के मरीज मे काफी लाभदायक होती है।ए.पी.आई.के अध्यक्ष डॉक्टर कलीम अहमद ने कहा कि बायोलोजिक्स दवाईया शुरू करने से पहले मरीज की सही जांच जरुरी है,वरना मरीज को फायदे के बजाय नुकसान हो जाएगा।सचिव डॉक्टर विकास अग्रवाल ने सभी अतिथियो का स्वागत किया तथा कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉक्टर सौम्या जैन ने किया।इस मौके पर डॉक्टर अनुपम मलिक जयपाल चन्द, डॉक्टर मोहन पाण्डेय, डॉक्टर नरेश नौसरान, डॉक्टर प्रवीण शर्मा ,डॉक्टर अतुल जैन, डॉक्टर अंशुल गुप्ता,डॉक्टर अनिल मलिक, डॉक्टर सुधीर अग्रवाल, डॉक्टर सत्यानंद साथी,डॉक्टर आर.एस.पंवार, डॉक्टर संजीव वर्मा, डॉक्टर सी.एस.चोपडा, डॉक्टर जावेद अख्तर, डॉक्टर सुशान्त शर्मा आदि चिकित्सक उपस्थित थे।
0 टिप्पणियाँ