मानव तस्करी पर न्यायिक मंथन,भीमताल में दो दिवसीय कोलोक्वियम शुरू
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
भवाली-मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध से निपटने और इससे जुड़े मामलों में प्रभावी न्यायिक कार्रवाई को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड ज्यूडिशियल एंड लीगल एकेडमी (उजाला), भवाली में दो दिवसीय ज्यूडिशियल कोलोक्वियम ऑन ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शुभारंभ शनिवार को हुआ।कार्यक्रम रविवार को सम्पन्न होगा।कार्यक्रम में उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड के मुख्य न्यायमूर्ति एवं न्यायमूर्तिगण,अपर पुलिस महानिदेशक,उत्तराखण्ड सहित भिन्न-भिन्न जिलों के न्यायिक अधिकारीगण,प्रशासन व पुलिस विभाग के अधिकारीगण,अभियोजन अधिकारीगण एवं गैर सरकारी संगठनों के सदस्यगण सहित 150से अधिक अधिकारीगण प्रतिभाग कर रहे है।
कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ करते हुए मुख्य न्यायाधीश उत्तराखंड उच्च न्यायालय मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि कोलोक्वियम का उद्देश्य मानव तस्करी से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता और प्रभावी कानूनी कार्रवाई को बढ़ावा देना है।मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा मानव तस्करी की रोकथाम,पीड़ितों के पुनर्वास,जांच प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।साथ ही प्रतिभागियों को कानून,जांच और पीड़ित सहायता से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।शुभारंभ अवसर पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न्यायिक प्रणाली,पुलिस और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा,ताकि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।इस अवसर पर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश,न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी,उजाला के प्रभारी न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा,न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति सिद्वार्थ साह,अकादमी के निदेशक प्रदीप पन्त एवं उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता,जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल,राज्य के विभिन्न जिलों के जिला जज सहित उजाला के अपर निदेशक शादाब बानो,अपर निदेशक तरूण,संयुक्त निदेशक मो.यूसुफ तथा सहायक निदेशक कार्तिकेय जोशी सहित पुलिस,विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं, सीडब्लूसी के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।
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