देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद तीर्थनगरी में घटा कारोबार,
यात्रा सीजन शुरू होने के बाद भी बाजारों में अपेक्षाकृत यात्रियाों की आमद कम
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद भी हरिद्वार में यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के चलते व्यापारी चिंतित हैं।व्यापारी इसका कारण देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे को मान रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि खाड़ी युद्ध के कारण रसोई गैस की किल्लत के चलते कारोबार पहले से ही प्रभावित है।अब देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद हरिद्वार में कारोबार चालीस फीसदी तक घट गया है।
दिल्ली,नोएडा,पंजाब,उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाले यात्री एक्सप्रेसवे से सीधे देहरादून पहुंच रहे हैं।जिससे हरिद्वार में यात्रियों की संख्या काफी घट गयी है,तमाम होटल खाली पड़े हैं।चारधाम यात्रा की बुकिंग भी घट गयी है।जिससे भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।रेस्टोरेंट,ढाबों का काम भी प्रभावित हुआ है।मंदी का सामना कर रहे व्यापारियों ने सरकार से टैक्स में छूट देने की मांग की है।हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। देश विदेश से आने वाले यात्री हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान और मायादेवी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद ही चारधाम यात्रा की शुरूआत करते हैं।लेकिन इस साल यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है।बजट होटल एसोसिएशन बजट के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने बताया कि होटलों में बुकिंग कम है।अधिकांश होटल खाली पड़े है ।होटल के खर्च भी पूरे नहीं हो रहे है।उन्होने कहा कि सरकार को इस और ध्यान देना चाहिए।यात्रियों की संख्या घटने का प्रभाव हरिद्वार से गुजरने वाले हाईवे पर संचालित ढाबों पर भी पड़ा है।ढाबा संचालक कमल खड़का का कहना है कि देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे बनने से यात्रियों की संख्या बहुत घट गयी है। वीकेंड को छोड़कर बाकी दिनों में मंदी का सामना करना पड़ रहा है।यात्रियों की कमी के चलते ट्रैवल कारोबार भी घट गया है।अप्रैल माह में ट्रैवल कारोबारियों को एडवांस बुकिंग नहीं मिली है।ट्रैवल कारोबारियों से यात्री मई के बाद की बुकिंग के लिए इंक्वायरी कर रहे हैं।ट्रैवल कारोबारियों का कहना है कि खाड़ी युद्ध की वजह से गैस के दाम बढ़ने और गैस की किल्लत से यात्री असमंजस में है।पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की अफवाहों का असर पर भी कारोबार पर भी पड़ा है।सरकार इस पर ध्यान देना चाहिए।हरिद्वार के अलावा रानीपुर मोड़,चंद्राचार्य चौक,ज्वालापुर और कनखल के बाजार भी मंदी की स्थिति का सामना कर रहे हैं। हर समय भीड़भाड़ से गुलजार रहने वाले चंद्राचार्य चौक के समीप स्थित तमाम शॉपिंग कॉम्पलेक्स में लंबे समय से सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि अब पहले जैसा कारोबार नहीं रहा।लंबे समय से मंदी की स्थिति का सामना कर रहे हैं।व्यापारी सचिन गुप्ता ने बताया कि पहले दिन भर फुर्सत नहीं मिल पाती थी। अब दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में दिन गुजार रहे हैं।
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