दीपावली पर राज्य के कार्मिकों को दी बड़ी सौगात,30दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी
’राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 का मिलेगा तदर्थ बोनस’
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कार्मिकों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है।इस निर्णय से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों,सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं,स्थानीय निकायों,जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है।प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।कर्मचारियों के परिश्रम ,समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है। सरकार का प्रयास है कि कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह ग एवं घ के कर्मचारियों तथा समूह श्खश् के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य किया गया है,जिनका ग्रेड वेतन 4,800(पुनरीक्षित वेतनमान 47,600-1,51,100, लेवल-8) तक है तथा जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा।इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की गणना सीमा 7,000 निर्धारित की गई है।इस आधार पर पात्र कर्मचारी को अधिकतम लगभग 6,908 का बोनस प्राप्त होगा।इस निर्णय में कैजुअल एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा।इनके लिए बोनस की गणना 1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी,जो अधिकतम लगभग1,184होगी। शासनादेश के अनुसार बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे,जो 31मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे तथा जिन्होंने 31मार्च,2026तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो।छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा।इसके साथ ही स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा।इसका भुगतान संबंधित निकाय एवं विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है,जिसमें प्रत्येक कार्मिक पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सके।

0 टिप्पणियाँ