हथनीकुंड आश्रम में आयोजित हुआ वार्षिक समागम
जीवन में जरूरी हैं श्रद्धा, सेवा व समर्पण-संत श्रद्धादास
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
बेहट-अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन गुरु गद्दी उन शुक्रताल के तत्वाधान में सतगुरु रविदास अमर ज्योति आश्रम आरिकपुर फैजाबाद, हथनीकुंड बैराज में चौदहवां सलाना वार्षिक संत समागम का आयोजन सतगुरू स्वामी समनदास जी महाराज को साक्षी मानकर किया गया। आरती आश्रम के सेवादार महा. शशिदास, महा. लालदास, महा. हिम्मत दास व राजूदास द्वारा आरती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आश्रम में पहुंची अनुयायियों की भारी भीड़ को निहाल करते हुए व्यवस्थापक संत श्रद्धादास जी महाराज ने कहा कि सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज की तपस्या फलस्वरूप कार्यक्रम आयोजित होता रहा है, उन्होंने कहा कि इंसान के अंदर श्रद्धा, सेवाभाव व समर्पण होना आवश्यक है क्योंकि गुरु अपने सेवक को महान बनाता है क्योंकि गुरु का भजन आत्मा को शुद्ध करता है। उन्होंने समय रहते सभी का सम्मान करने की बात कहते हुए सभी के मानव कल्याण हेतु गुरु चरणों में कामना कर संतो महापुरुषों के मिशन को तरक्की देने की बात कही। चमारीखेड़ा आश्रम के प्रबंधक महात्मा राजकुमार दास ब्रह्मचारी ने सभी से एक दूसरे का सहयोग करने और गुरुजी के कारवां को गति देने तथा गंदे खानपीन से दूर रहने की बात कही। कार्यक्रम में भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल ने सभी से शासन सत्ता में अपनी हिस्सेदारी हेतु अपनी सत्ता स्थापित कर और बेगमपुरा राज की स्थापना पर जोर दिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख हंसराज गौतम ने सभी से संतों महापुरुषों के बताए रास्ते का अनुसरण करने की बात कही। मिशनरी प्रचारक एसडी गौतम पत्रकार ने इतिहास से सीख लेकर अंधविश्वास से दूर रहने और शिक्षित होने की बात कहते हुए गुरु गद्दी उन में सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मांगेराम व सुलेखचंद ने किया। इस दौरान महात्मा बबलू दास, संत देवादास, महा. तारादास, संत नरेश दास, महा. किरणपाल, महा. राजेंद्र दास, महा. चन्द्रदास, महा. विनयदास, महा. शीलदास, महा. प्रदीप दास, महा. जयपाल दास, महा. संजीवदास, महा. नाथीदास, महा. राजूदास, बालक अर्जुन सूर्यवंशी, विपिन बर्मन, नरेन्द्र जगाधरी, मन्नू फतेहपुर, बृजेश छज्जा, छत्रसिंह हलवाई, सौरभ सिंह, सुजीत कुमार, उदयभान, अमित कुंबले, मनीष सहारनपुरिया, जोगेन्द्र सहगल, शिवा, कपिल क्रांतिकारी, गोविंद रविदासिया, अनुज रविदासिया, सुन्दर रविदासिया व नीरज टपराणा समेत हजारों अनुयायी मौजूद रहे।


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