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बैरून कोटला में स्थित खंडहरनुमा मंदिर में यज्ञ हवन करने पहुंचे यशवीर महाराज, नगर में किए गए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

 बैरून कोटला में स्थित खंडहरनुमा मंदिर में यज्ञ हवन करने पहुंचे यशवीर महाराज, नगर में किए गए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

रिपोर्ट समीर चौधरी۔

देवबंद- मुजफ्फरनगर के बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार रविवार को देवबंद के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मोहल्ला बैरून कोटला में स्थित सैनी समाज के खंडहरनुमा मंदिर में यज्ञ हवन करने पहुंचे। इस दौरान बड़ी तादाद में मोहल्ला बैरून कोटला, पठानपुरा, रेती चौक, मोहल्ला किला आदि स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। करीब डेढ़ से दो घंटे तक यशवीर महाराज ने बैरून कोटला स्थित शिव मंदिर में अपने साथियों के साथ पूजा और हवन यज्ञ किया। इस दौरान योगी और मोदी सरकार की जमकर प्रशंसा करते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने योगी सरकार से मंदिर का सौंदर्यकरण कराने और मोदी सरकार से कमीशन गठित करके पलायन करने वाले क्षेत्र का डाटा जमा करने की मांग की।

यशवीर महाराज ने पिछले दिनों एक वीडियो बयान जारी कर कहा था कि देवबंद की मुस्लिम आबादी बैरून कोटला में स्थित खंडहरनुमा प्राचीन शिव मंदिर में नौ मार्च को हवन यज्ञ किया जाएगा। महंत का आरोप है कि पुराने समय में उक्त मोहल्ले में रहने वाले सैनी समाज के लोगों को मुस्लिमों ने यहां से पलायन करने पर मजबूर कर दिया था। जिसके चलते उनका मंदिर खंडहर बन गया है। हालांकि इस मामले में सैनी समाज और भागीरथी शिव मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने यशवीर महाराज के आप को गलत बताते हुए इस एलान का विरोध किया था। कहा था कि सैनी समाज ने 20 साल पहले उक्त मंदिर से स्वयं मूर्तियां हटाकर उन्हें इंदिरा विहार कालोनी स्थित मंदिर में विधि विधान के साथ स्थापित करा दी थी। उनका कहना था कि बाहरी व्यक्ति इस मामले में हस्तक्षेप न करे।
रविवार को यशवीर महाराज के देवबंद पहुंचने को लेकर यहां सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे, जगह-जगह पुलिस बल तैनात था खासकर मोहल्ला बैरून कोटला, पठानपुरा, रेती चौक और आसपास के क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि मुस्लिम मोहल्ले में मंदिर में पूजा होने के कारण मुस्लिम समाज की ओर से किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 2 घंटे तक हवन यज्ञ कर एक बजे यशवीर महाराज वापस लौट गए। वापस लौटते समय उन्होंने मीडिया को बताया कि वर्ष 1992 के दंगे में यहां से हिंदू समाज ने पलायन किया और तभी से इस मंदिर में पूजा नहीं हो रही थी। आज मंदिर को जाग्रत करने का कार्य किया गया। अब निरंतर इसमें पूजा अर्चना चलती रहेगी। कहा कि वह मुख्यमंत्री से आग्रह करते है कि वह इस मंदिर पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए और इसका उद्धार कराने का कार्य करें। इस दौरान ठाकुर सुरेंद्रपाल एडवोकेट सहित अन्य लोग मौजूद रहे। मौके पर एसडीएम युवराज सिंह, सीओ रविकांत पाराशर और इंस्पेक्टर बीनू चौधरी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सीओ ने कहा यशवीर महाराज हवन यज्ञ करके वापस लौट गए हैं, देवबंद का माहौल पूरी तरीके से शांतिपूर्ण है।



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