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शाकुंभरी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समापन,

शाकुंभरी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समापन, 

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर- माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के द्वितीय दिवस का आयोजन प्रेरणादायी एवं विचारोत्तेजक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा नीति अनुसंधान केंद्र, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा रहे।इस अवसर पर कुलपति प्रो. विमला वाई., कुलसचिव कमल कृष्ण, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार तथा वित्त अधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी मंचासीन रहे।

अपने संबोधन में प्रो. मिश्रा ने “समावेशी और परिवर्तनकारी शिक्षा के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाना” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने शिक्षा के पांच आधार स्तंभ—ज्ञान, मूल्य, सूचना, अभिव्यक्ति एवं कौशल विकास—को समग्र विकास का आधार बताया और विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि व आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए समावेशी शिक्षा प्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर सहारनपुर के महापौर डॉ. अजय कुमार ने भी शिक्षा को समाज को जोड़ने और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं नाटकों ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कुलपति प्रो. विमला वाई. ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में समावेशी शिक्षा को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर उपकुल सचिव अनूप कुमार, सहायक कुलसचिव संजीव कुमार, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. आर.के. गुप्ता, सुनीता सोनकर, डॉ. कंचन बाला, डॉ. सविता राठी,  कोमल, डॉ. मितिका, डॉ. ज्योति, डॉ. हर्ष सिंह, अभिषेक सैनी, नीरज कुमार, डॉ. पंकज कुमार, मानव, डॉ. अपूर्वा, डॉ. सुधांशु, इंजी. विवाक पुंडीर, सीईओ अभिनव पुंडीर, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. विजय, डॉ. निमेतोष, डॉ. के.के. गर्ग, डॉ. अर्श्चवी त्यागी एवं डॉ. संदीप सहित अनेक शिक्षक, अधिकारी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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