Ticker

6/recent/ticker-posts

तुषार चौहान व हेमंत डे की शानदार सफलता पूरे क्षेत्र और समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण

तुषार चौहान व हेमंत डे की शानदार सफलता पूरे क्षेत्र और समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

रूड़की-ग्राम अत्मलपुर बौंगला निवासी अनुज चौहान के सुपुत्र तुषार चौहान ने देश की अत्यंत प्रतिष्ठित आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल उनके परिवार में,बल्कि पूरे क्षेत्र और समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण है।

तुषार चौहान की यह उपलब्धि इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि कठोर परिश्रम,अटूट लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने अथक प्रयासों और समर्पण से यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में ऊंचे सपने हों और उन्हें पाने का साहस हो,तो सफलता अवश्य कदम चूमती है।उनकी इस सफलता ने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रस्तुत किया है।तुषार चौहान की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं,बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि और गौरव का विषय बन गई है।समस्त क्षेत्रवासी तुषार चौहान को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित करते हैं तथा आशा करते हैं कि वे अपने कर्तव्यों के माध्यम से देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।तुषार चौहान के पिता अनुज चौहान व माता प्रतिभा चौहान के साथ ही चाचा चेयरमैन नीरज चौहान व ताऊ संजीव चौहान,वरिष्ठ पत्रकार शिवकुमार चौहान बहुत ही खुश है।पत्रकार शिवकुमार चौहान ने बताया है कि तुषार शुरू से ही होनहार है और उसका बौद्धिक स्तर काफी ऊंचा है,पिछले महीने हुई बातचीत के दौरान तुषार के कॉन्फिडेंस से ही लग रहा था इस बार निश्चित रूप से वह यूपीएससी क्लियर कर लेगा,वहीं दूसरी ओर आईसीएआई फाइनल जनवरी-2026 के घोषित हुए परिणामों में रुड़की के होनहार छात्र हेमंत डे ने शानदार सफलता हासिल करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेड बनकर अपने परिवार ही नहीं, बल्कि नगर रुड़की का नाम भी रोशन किया है।कमल चंद्र डे गणेशपुर,रुड़की निवासी के सुपुत्र हेमंत डे के कठिन परिश्रम,धैर्य और निरंतर समर्पण के बल पर ही यह मकाम हासिल हुआ है।उनका कहना है कि कठिन परीक्षा को पास करना पढ़ाई नहीं,बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और आत्मविश्वास का परिणाम होता है और लगातार प्रयास करते हुए यह सिद्ध कर दिया कि इरादे मजबूत हो तो सफलता निश्चित है।उनकी इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और रुड़की नगरवासियों को भी उन पर गर्व है कि यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

जी.आर.डी. देहरादून के अंतिम वर्ष के 77 छात्र-छात्राओं का बहुराष्ट्रीय कंपनियों में चयन