महिला दिवस पर संगोष्ठी आयोजित कर ज्ञान गंगा शिक्षा समिति ने दी जानकारी
रिपोर्ट एसडी गौतम
सहारनपुर- ज्ञान गंगा शिक्षा समिति सहारनपुर द्वारा गांव अल्हेड़ी ब्लॉक मुजफ्फराबाद के गुरु रविदास मंदिर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर प्रबंधक ज्ञान गंगा शिक्षा समिति वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वतंत्रता बढ़ाने पर केंद्रित है। पहली महिला दिवस 1909 में संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाया गया था जो की लैंगिक समानता और महिला अधिकारों पर केंद्रित है रूस में 8 मार्च 1917 को महिलाओं ने अपने हक के लिए हड़ताल की इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने इसी दिन को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1975 में आधिकारिक तौर पर इसे 8 मार्च को मनाया जाने के मान्यता दी इसके बाद से प्रतिवर्ष इस 8 मार्च को ही सेलिब्रेट किया जाता है, 8 मार्च 1917 को रूस में हजारों महिलाओं ने रोटी की मांग और प्रथम विश्व युद्ध में रूसी लोगों की जान जाने के विरोध में हड़ताल करके रूसी क्रांति की शुरुआत की इसके कुछ दिनों में रूस के शासक जार ने त्यागपत्र दिया और महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिल गया तब से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है। कलर जेटकिंग जर्मनी में सोशल ड्रैमेटिक पार्टी के महिला कार्यालय की नेता नामक एक महिला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का विचार प्रस्ताव रखा की हर साल हर देश में एक दिन एक ही दिन महिला दिवस मनाया जाना चाहिए ताकि अपनी मांगों पर जोर दिया जा सके। सन 1945 में संयुक्त राष्ट्र का चार्ट महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता के सिद्धांत की पुष्टि करने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय समझौता बन गया। संयुक्त राष्ट्र में 1975 में महिला वर्ष के दौरान 8 मार्च को अपना पहला आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। व्लादिमीर लेनिन ने 1917 की रूसी क्रांति में महिलाओं की भूमिका के सम्मान में 8 मार्च को 1992 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में घोषित किया बाद में समाजवादी आंदोलन और साम्यवादी देशों द्वारा इसी दिन मनाया जाने लगा। पहला महिला दिवस 1909 में संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाया गया। महिलाओं को हमेशा से पुरुषों के समान काम करने के वह काम करने वोट देने या समान अधिकार नहीं दिए गए, इसलिए 1900 के दशक की शुरुआत से ही दुनिया भर की महिलाएं समान अधिकारों के लिए अभियान चलाकर और दुनिया भर के प्रतिभाशाली महिलाओं को उजागर करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाती रही हैं । इस अवसर पर ज्ञान गंगा शिक्षा समिति की अध्यक्षता कौशल देवी ने कहा कि महिला दिवस हमें अपने जीवन में महिलाओं का सम्मान करने और उन्हें महत्व देने की याद दिलाता है यह महिलाओं के लिए समान अवसरों के महत्व पर प्रकाश डालता है प्रसिद्ध महिला और महिला नेताओं को उनके योगदान के लिए याद किया जाता है यह दिन युवा लड़कियों को अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रोत्साहित करता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को कहीं अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है रैली निकालकर प्रदर्शनी करके संगोष्ठी करके संगीत के द्वारा और अन्य तरह से मनाया जाता है, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया भर के कई देशों में मनाया जाता है यह एक ऐसा दिन है जब महिला को राष्ट्रीय भाषा संस्कृती आर्थिक आधारित भेदभाव के बिना उनकी उपलब्धियां के लिए पहचाना जाता है और आज का दिन सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए समान अधिकार सशक्तिकरण सार्वभौमिक अधिकारों और अवसरों के महत्व पर जोर देता है या सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक महिला और लड़की आर्थिक न्याय संगत भविष्य में योगदान दे सके। इस अवसर पर पिंकी, कोमल, मनी, संजीत, निशि, कृष्णा, शिवांशी, आंचल, बबीता, स्नेहा, कविता, प्रियंका, संदीपा, पलक, ललिता, पूजा, बबली, नेहा, कमलेश, कौशल, राखी,जगवती, जिया, अनीता, प्रियांशी, काजल, मुनेश, अवनी, शकुंतला देवी, निशु, मंजेश, नीलम सिंह, पारुल, ललिता व सुशील आदि मुख्य रूप से उपस्थित रही।
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