Ticker

6/recent/ticker-posts

आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

देहरादून-आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय के विधि संकाय ने 17 अप्रैल को शैक्षणिक गंभीरता के साथ स्वास्थ्य सेवा,व्यापार एवं वाणिज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग से उत्पन्न कानूनी,नैतिक एवं विनियामक चुनौतियाँ विषय पर अपने चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।17-18 अप्रैल को आयोजित दो-दिवसीय सम्मेलन नाइजीरिया के स्काईलाइन विश्वविद्यालय के सहयोग से संपन्न हो रहा है।इस उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पूर्व विदेश राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने की। मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय की शहीद-स्मृति दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा कुलपति डॉ.अनिल सुब्बाराव पैला एवं प्रो.कुलपति डॉ.अनिता रामाचंद्र सहित विश्वविद्यालय के गणमान्य पदाधिकारियों द्वारा उनका उष्ण अभिनंदन किया गया।

सम्मेलन अध्यक्षों यूनिसन विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन डॉ.अमित अडलखा एवं नाइजीरिया के स्काईलाइन विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय के डीन डॉ.मुहम्मद नुरुद्दीन (जो वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुए) ने समस्त प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया।सभा में उपस्थित विद्वानों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्रीमती लेखी ने संतुलित कानूनी ढाँचे तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वैश्विक वाणिज्यिक प्रणाली में निष्पक्षता,पारदर्शिता एवं अनुपालन सुनिश्चित करने में अपरिहार्य हैं,क्योंकि कानून समाज से परे नहीं,बल्कि उसी के व्यापक दायरे में संचालित होता है।अपने संबोधन के समापन में उन्होंने व्यापार,वाणिज्य एवं स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा स्वचालन से उत्पन्न चुनौतियों पर विद्वानों, विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं को एकत्रित करने के लिए आयोजकों की सराहना की।इस सम्मेलन को अभूतपूर्व प्रतिसाद प्राप्त हुआ है-55 प्रतिष्ठित संस्थानों से 110 से अधिक शोध-सारांश प्राप्त हुए हैं,जिनमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय,सिम्बायोसिस लॉ स्कूल,दिल्ली विश्वविद्यालय,पंजाब विश्वविद्यालय,कलिंग इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी,नाइजीरिया का लागोस विश्व विद्यालय तथा सह-आयोजक संस्था स्काईलाइन विश्वविद्यालय,नाइजीरिया सम्मिलित हैं।यह व्यापक भागीदारी सम्मेलन के विषय की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करती है एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर अंतःविषयक संवाद की बढ़ती आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। यह सम्मेलन छह प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित है कृत्रिम बुद्धिमत्ता की जवाबदेही एवं स्वचालित निर्णय-निर्माण;कॉर्पाेरेट सामाजिक दायित्व,पर्यावरणीय संधारणीयता एवं अभिशासन; नैतिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली निर्माण में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका;उभरती प्रौद्योगिकियाँ तकनीकी,कानूनी एवं विनियामक ढाँचे;कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण;तथा डिजिटलीकरण का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव।उद्घाटन सत्र का समापन संयोजक डॉ.शुऐब मोहम्मद के धन्यवाद-ज्ञापन के साथ हुआ,जिसने आगामी दो दिनों में होने वाली गहन शैक्षणिक विचार-विमर्श की पृष्ठभूमि तैयार की।सम्मेलन में विशेषज्ञ पैनल,शोध- प्रस्तुतियाँ एवं सहयोगी सत्रों का आयोजन होगा,जो एक जिम्मेदार एवं संधारणीय।-संचालित वाणिज्यिक पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

राज्यमंत्री जसवंत सैनी व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विजयपाल सिंह ने किया नव-निर्मित पानी की टंकी का जलार्पण