विहिप बजरंग दल का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया
लव जिहाद, अवैध कब्जों और सुरक्षा मुद्दों पर सख्त कानून बनाने की मांग
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपते हुए देश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों, अवैध कब्जों और कथित सामाजिक षड्यंत्रों पर चिंता जताई।
ज्ञापन में संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि देश में “लव जिहाद”, जबरन धर्मांतरण और महिलाओं के शोषण जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि शिक्षित और शहरी क्षेत्रों में भी ऐसे प्रकरण सामने आ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके अलावा ज्ञापन में अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि वन भूमि, रेलवे और अन्य सरकारी संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। उन्होंने इन कब्जों को हटाने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच रहने वाले हिंदू परिवारों को कथित रूप से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खान-पान से जुड़ी घटनाओं का हवाला देते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गई।बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने और जनजातीय एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।इस दौरान रविन्द्र लाबा, आशीष रोड़, मनोज योगाचार्य, शक्तिराणा, योगेशचैहान, अनुज सैनी, राकेश काम्बोज, ललित, सचिनन कुमार, दिग्विजय,, आदित्य चैधरी, संदीप सैनी, अमित कुमार, दीपक राणा, विपुल उपाध्याय, रोहित त्यागी, सचिन कुमार, मनोज कुमार सैनी, सुलेख गर्ग, महीपाल खुराना समेत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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