गुरूमंडल आश्रम ने निकाली 48वीं श्री जगन्नाथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की कृपा से दूर होते हैं सभी संकट-स्वामी भगवत स्वरूप
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-देवपुरा स्थित श्रीगुरुमंडल आश्रम के संयोजन में धूमधाम से 48वीं श्रीजगन्नाथ रथयात्रा निकाली गई।श्रीगुरू मंडल आश्रम परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज की अगुवाई में निकाली गयी बैंड बाजों और सुंदर झांकियों से सुसज्जित रथयात्रा में सभी तेरह अखाड़ों के संत महंत और श्रद्धालु शामिल हुए।नगर भ्रमण के पश्चात रथयात्रा वापस आश्रम में आकर संपन्न हुई।
नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया।रथयात्रा के समापन पर आश्रम में आयोजित संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रीपंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर धर्म व अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करने वाले संत महापुरूषों के सानिध्य में ही व्यक्ति का कल्याण होता है।स्वामी भगवत स्वरूप महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का ही स्वरूप हैं।करूणामय भगवान श्री जगन्नाथ मानव कल्याण के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।भगवान की रथ यात्रा में शामिल होने और रथ को खींचने से जन्म जन्मांतर के पापों का शमन हो जाता है।महंत रघुवीर दास,स्वामी रविदेव शास्त्री,महंत विष्णुदास,स्वामी कपिल मुनि ने कहा कि स्वामी भगवत स्वरूप महाराज के संयोजन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान कृष्ण केे स्वरूप भगवान जगन्नाथ की कृपा प्राप्त होती है।स्वामी शिवस्वरूप महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत महापुरूषों के सानिध्य में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की विशाल रथयात्रा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।शोभायात्रा मेें महंत सूरज दास,स्वामी शिवानंद भारती,महंत गोविंददास ,स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि,महंत बिहारी शरण,महंत सूर्यांश मुनि,स्वामी हरिचेतनानंद ,स्वामी दिनेश दास,महंत राघवेंद्र दास,स्वामी संतोषानंद,महंत जसविंदर सिंह,बाबा हठयोगी,स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी अनंतानंद,स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत महंत और श्रद्धालुजन शामिल रहे।
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