बार काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन में ग्लोकल लॉ स्कूल की सहभागिता
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-ग्लोकल यूनिवर्सिटी के ग्लोकल लॉ स्कूल के संकाय सदस्यों ने भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित बार काउंसिल ऑफ इंडिया में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन "क्षेत्रीय भाषाओं के एकीकरण के माध्यम से विधि शिक्षा को सशक्त बनाना" में सहभागिता की।
सम्मेलन में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, न्यायपालिका के प्रतिनिधियों, विधि शिक्षाविदों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी दस वर्षों की कार्ययोजना तैयार करने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। साथ ही बहुभाषी विधि शिक्षा, न्याय तक आसान पहुंच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल विधिक रिपॉजिटरी तथा मानकीकृत विधिक शब्दावली के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई।ग्लोकल यूनिवर्सिटी की ओर से ग्लोकल लॉ स्कूल की डीन डॉ. अतीका बानो एवं टीचिंग असिस्टेंट नूर अफ्शा ने सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अतीका बानो ने कहा कि बहुभाषी विधि शिक्षा न केवल भावी विधि विशेषज्ञों को समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने में सक्षम बनाएगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए विधिक जानकारी एवं न्याय तक पहुंच को भी अधिक सरल और प्रभावी बनाएगी।सम्मेलन का समापन भारतीय भाषाओं में विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमेटी के गठन तथा भारतीय भाषाओं में विधि शिक्षा पर राष्ट्रीय घोषणा तैयार करने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ। यह पहल 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य के अनुरूप समावेशी, तकनीक-संचालित एवं गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी।

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