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दुनिया के विकसित देशों में से एक स्विटजरलैण्ड ने सुनी भारत की बात

 दुनिया के विकसित देशों में से एक स्विटजरलैण्ड ने सुनी भारत की बात

जिनेवा में आयोजित वैश्विक सम्मेलन में देसंविवि के प्रतिकुलपति की विशेष भागीदारी

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार- विश्व भर के नीति निर्माताओं,वैज्ञानिकों ने बढ़ते एआई के प्रयोग एवं उसकी सुरक्षा पर चिंतन करना प्रारंभ कर दिया है।दुनिया के विकसित देशों में से एक स्विटजरलैण्ड के जिनेवा में एसेंशियल कन्वर्जेन्स ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑन एक्सट्रीम एआई रिस्क्स विषय पर आयोजित हुआ।

जिसमें एकमात्र भारतीय देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या मौजूद रहे।इस वैश्विक सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए एआई विशेषज्ञ एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए।एआई का विकास नैतिक चेतना,मानवीय संवेदनाओं और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ होना आवश्यक है।तकनीकी प्रगति तभी सार्थक है,जब वह विश्वशांति और लोकमंगल का माध्यम बने।प्रतिकुलपति डॉ.पण्ड्या ने बताया कि सम्मेलन में अमेरिका,चीन,यूरोपीय संघ,भारत,ब्राजील,दक्षिण अफ्रीका,दक्षिण कोरिया तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित अनेक देशों के नीति-निर्माताओं,राजनयिकों,वैज्ञानिकों,प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों,सुरक्षा विश्लेषकों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न होने वाले संभावित गंभीर वैश्विक जोखिमों तथा उनके प्रभावी समाधान पर व्यापक विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के दौरान अनेक देशों के एआई विशेषज्ञों ने ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑन एक्सट्रीम एआई रिस्क्स विषय पर अपनी अपनी शोध रिपोर्ट प्रस्तुत की,जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न होने वाले अत्यधिक जोखिमों के प्रभावी प्रबंधन,वैश्विक समन्वय तथा उत्तरदायी गवर्नेंस के लिए आवश्यक नीतिगत सुझावों एवं कार्यनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास के साथ उसके सुरक्षित,पारदर्शी एवं उत्तरदायी उपयोग हेतु वैश्विक स्तर पर साझा नीति-निर्माण,समन्वित सुरक्षा मानकों तथा प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।इस अवसर पर उन्नत एआई प्रणालियों के मूल्यांकन,जोखिम प्रबंधन,वैश्विक नियमन तथा मानव हितों को सर्वाेपरि रखते हुए तकनीकी विकास को दिशा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।



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