Ticker

6/recent/ticker-posts

लक्सर में विधायक निधि घोटाले का पर्दाफाश

 लक्सर में विधायक निधि घोटाले का पर्दाफाश

कागजों में बनी सड़क,मौके पर मिली 35.50 मीटर कम लंबाई

 मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को थमाया नोटिस

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-लक्सर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है,जिसमें लक्सर विधायक के विधायक निधि से ग्राम दरगाहपुर में स्वीकृत एक सड़क निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी पाई गई है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र द्वारा कराई गई स्थलीय जाँच में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई है, जिसके बाद विभाग के संबंधित अधिकारियों,प्रभारी खंड विकास अधिकारी और लेखाकार को तत्काल स्पष्टीकरण और साक्ष्य प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्राम दरगाहपुर तहसील-लक्सर,जनपद-हरिद्वार) के निवासी कपिल कुमार पुत्र रामशरण ने 23 जून,2025 को एक शिकायती पत्र मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को सौंपा था।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लक्सर विधायक द्वारा अपनी विधायक निधि से ग्राम दरगाहपुर में चन्द्रपाल सैनी के घर से राहुल कुमार सैनी के घर की ओर सीसी सड़क का निर्माण कराया जाना था,लेकिन कार्यदायी संस्था और अधिकारियों की मिलीभगत से इस सड़क को बिना बनाए ही कागजों में दर्शाकर सरकारी धनराशि का गबन कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने 04 जून, 2026 के माध्यम से एक संयुक्त जाँच टीम का गठन किया था।इस टीम में जिला युवा कल्याण एवं प्रा.र.द.अधिकारी ,हरिद्वार और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियन्ता अनिल जैन को शामिल किया गया था।जाँच टीम ने 30जून,2026 को अपनी विस्तृत आख्या कार्यालय को सौंपी,जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।स्थलीय जाँच में शिकायतकर्ता का आरोप शत-प्रतिशत सही पाया गया।स्वीकृत स्थल चन्द्रपाल सैनी के घर से राहुल सैनी के घर की ओर किसी भी प्रकार की सीसी सड़क का निर्माण नहीं किया गया था।हालांकि, ग्रामवासियों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण दूसरी दिशा में (चन्द्रपाल सैनी के घर से राहुल सैनी के घेर की ओर) किया गया था। सबसे बड़ी गड़बड़ी सड़कों की पैमाइश (नाप)में पकड़ी गई।कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत की गई माप पुस्तिका (डमंेनतमउमदज ठववा) के सरकारी अभिलेखों में दो अलग-अलग निर्माण कार्यों की कुल लंबाई 205.50 मीटर दर्शाई गई थी। परंतु जब जाँच टीम ने मौके पर जाकर दोनों सड़कों को संयुक्त रूप से नापा, तो वास्तविक लंबाई केवल 170.00 मीटर ही पाई गई।इस प्रकार कागजों और जमीनी हकीकत के बीच पूरे 35.50 मीटर का भारी अंतर पाया गया,जो सीधे तौर पर वित्तीय हेराफेरी की ओर इशारा करता है।मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है तत्कालीन व वर्तमान जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे उक्त बिंदुओं के संबंध में अभिलेखीय साक्ष्यों सहित अपना पक्ष अविलम्ब मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनका पक्ष प्राप्त नहीं होता है,तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध अग्रिम दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

देवबंद में सडक़ किनारे खड़े ट्रक से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत