बीएचईएल और थाइसनक्रुप न्यूसेरा का ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर समझौता
भारत में बनेगा एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र, मिलेगा श्मेक इन इंडियाश् को बल
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है।कंपनी ने थाइसनक्रुप न्यूसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ रणनीतिक समझौता किया है,जिसके तहत देश में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र प्रणाली का चरणबद्ध स्वदेशीकरण और स्थानीय विनिर्माण किया जाएगा।
सोमवार को हरिद्वार में हुए इस समझौते पर बीएचईएल की ओर से हेवी पावर इक्विपमें प्लांट के कार्यपालक निदेशक वाई श्रीनिवास राव और न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी बिज़नेस के महाप्रबंधक सुतृप्तो डे ने हस्ताक्षर किए।थाइसनक्रुप न्यूसेरा की ओर से सीईओ किरण जोसेफ और निदेशक मनीष भोसले मौजूद रहे।समझौते के समय भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ.फिलिप एकरमन,बीएचईएल निदेशक सुश्री बानी वर्मा और निदेशक एस.एम रामनाथन सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बीएचईएल के अधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग कंपनी की परियोजना क्रियान्वयन क्षमता को मजबूत करेगा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति देगा।थाइसनक्रुप न्यूसेरा की तकनीक और बीएचईएल की विनिर्माण व इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के समन्वय से लागत कम करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में मदद मिलेगी।बीएचईएल पावर,ट्रांसमिशन,नवीकरणीय ऊर्जा,तेल एवं गैस,रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में दशकों से काम कर रही है।कंपनी अब अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में कर रही है।कंपनी ने कहा कि यह समझौता केंद्र सरकार के श्राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशनश् और मेक इन इंडिया पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण से भारत को 2030 तक 5मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
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