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भारतीय ज्ञान परंपरा,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शोध के समन्वय से विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाया जाना चाहिए-कुलाधिपति

 भारतीय ज्ञान परंपरा,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शोध के समन्वय से विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाया जाना चाहिए-कुलाधिपति

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय सभागार में कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य के अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया।अभिनन्दन समारोह में कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) को उसकी गौरवशाली परंपरा के अनुरूप आधुनिक ज्ञान-विज्ञान,शोध और तकनीक से जोड़कर नई दिशा देने की आवश्यकता है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शोध के समन्वय से विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्था रही है। इसका गौरवशाली इतिहास और शैक्षिक परंपरा शिक्षा जगत की धरोहर है। नवाचार,शोध और अनुशासन इसकी विशिष्ट पहचान रहे हैं।इस विरासत को संरक्षित रखते हुए बदलते शैक्षिक एवं तकनीकी परिवेश के अनुरूप विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली में व्यापक ज्ञान-संपदा उपलब्ध है।आधुनिक तकनीक और एआई के माध्यम से इस ज्ञान को नए संदर्भों में विकसित किया जा सकता है।विश्वविद्यालय में इस दिशा में शोध और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।प्राचीन और अर्वाचीन ज्ञान परंपराओं का समन्वय वर्तमान समय की आवश्यकता है।सुरेन्द्र कुमार आर्य ने विश्वविद्यालय के एलुमनी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रोफेशनल कंसल्टेंसी की निःशुल्क सुविधा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया ताकि एल्मुनी नेटवर्क मजबूत किया जा सके।उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों की विशेषज्ञता,अनुभव और संसाधनों को विश्वविद्यालय के विकास से प्रभावी रूप से जोड़ा जाना चाहिए।समारोह में दिल्ली,हरियाणा और पंजाब आर्य प्रतिनिधि सभाओं के प्रधान एवं महामंत्रियों ने कुलाधिपति सुरेंद्र कुमार आर्य का अभिनंदन किया। दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष में यह उल्लेखनीय कार्य हुआ है।तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं की एकजुटता विश्वविद्यालय के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।विनय आर्य ने कहा कि जेबीएम ग्रुप को शिखर तक ले जाने वाले सुरेंद्र कुमार आर्य अब कुलाधिपति के रूप में विश्वविद्यालय का नेतृत्व कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि गुरुकुल परिवार के प्रत्येक सदस्य को पूर्ण मनोयोग से विश्वविद्यालय के विकास के लिए कार्य करना होगा।गुरुकुल कांगड़ी सामान्य भूमि नहीं,बल्कि त्याग,तप और बलिदान की भूमि है।हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मवीर सिंह ने कहा कि कुलाधिपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय का चहुंमुखी विकास होगा। सभी मिलकर गुरुकुल को स्वामी श्रद्धानंद के सपनों का गुरुकुल बनाने के लिए कार्य करेंगे ।दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मपाल आर्य ने कहा कि गुरुकुल की उन्नति में आर्य समाज और स्वामी श्रद्धानंद की आत्मा बसी है।सभी को मिलकर गुरुकुल कांगड़ी के उत्थान के लिए कार्य करना होगा।पंजाब आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुदर्शन शर्मा ने कहा कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन में गुरुकुल कांगड़ी को वैदिक ज्ञान परंपरा के आधुनिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का उद्देश्य गुरुकुल शिक्षा पद्धति को स्थापित करना था और यह आर्य जगत के रक्त से सींची गई भूमि है।विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक एवं गुजरात के राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी प्रो.राजेंद्र विद्यालंकार ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार का है।कार्ययोजना,कार्य संस्कृति और क्रियान्वयन इन तीनों पर मिलकर काम करना होगा।तभी गुरुकुल ज्ञान और समृद्धि की दिशा तय करने में प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।कुलपति प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा ने स्वागत भाषण दिया।प्रो.प्रभात कुमार कार्यक्रम संयोजक रहे।कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो.सत्यदेव निगमालंकार ने किया।कार्यक्रम से पूर्व प्रातःयज्ञ डॉ.दीनदयाल एवं डॉ.वेदव्रत के ब्रह्मत्व में सम्पन्न हुआ।समारोह में वित्ताधिकारी प्रो.वी.के.सिंह,आईक्यूएसी निदेशक प्रो.पंकज मदान,परीक्षा नियंत्रक प्रो.एल.पी.पुरोहित,डॉ.अजय मलिक,डॉ.हिमांशु पंडित,उच्च न्यायालय में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ.अजयवीर पुंडीर ,आर्य संन्यासी एवं आर्य समाज के पदाधिकारी,विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायाध्यक्ष ,विभागा अध्यक्ष,शिक्षक,शिक्षकेतर कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं के साथ तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं के अन्य सभासद उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय विकास के लिए 51 लाख

कुलाधिपति सुरेंद्र कुमार आर्य ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही एलुमनी नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए प्रोफेशनल कंसल्टेंसी का निःशुल्क सहयोग विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।इसके माध्यम से पूर्व छात्रों को विश्वविद्यालय से प्रभावी रूप से जोड़ने तथा उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का संस्थान के विकास में उपयोग करने की योजना है।


कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य के अभिनन्दन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और योग प्रदर्शन ने बाँधा समां

गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) हरिद्वार के कुलाधिपति सुरेन्द्र कुमार आर्य के अभिनन्दन समारोह में कन्या गुरुकुल परिसर देहरादून के संगीत विभाग द्वारा गायन एवं सितार वादन प्रस्तुत किया गया।डॉ.ममता यादव और डॉ.सरिता नेगी के नेतृत्व में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा मन्त्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर योग विज्ञान विभाग के छात्रों द्वारा विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

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