पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ नकुड़ में पूरे जोश और श्रृंगार के साथ मनाया गया
रिपोर्ट-नदीम निज़ामी
नकुड़-पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ नकुड़ में पूरे जोश और श्रृंगार के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं में व्रत और सोलह श्रृंगार को लेकर गजब का उत्साह दिखा। हाथों में गहरी रची मेहंदी, माथे पर सिंदूर और आंखों में चांद के दीदार का इंतजार।
कार्तिक माह की चतुर्थी पर महिलाओं ने सूर्योदय से पहले सरगी खाकर निर्जला व्रत शुरू किया और दिनभर बिना अन्न-जल के पति की सलामती की दुआ करती रहीं। शाम होते ही मंदिरों और घरों में करवा माता की कथा गूंजने लगी। पंडित वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि इस दिन गौरी-गणेश और शिव परिवार का पूजन कर छलनी में चांद और फिर पति का चेहरा देखना अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। सुबह से ही बाजार सुहागिनों से गुलजार हो गया। करवे, छलनी, सिंदूर, बिंदी की दुकानों पर भीड़ टूट पड़ी। ज्वैलर्स और कपड़ा व्यापारियों की तो चांदी हो गई। पति अपनी पत्नियों के लिए साड़ी-सेट और गहने पसंद करते दिखे तो पत्नियां पति के लिए गिफ्ट लेती दिखी। सबसे ज्यादा भीड़ मेहंदी वालों के यहां रही। घंटों लाइन में खड़ी होकर महिलाओं ने हाथों पर सुंदर डिजाइन बनवाए। कुल मिलाकर पूरा नकुड़ आज सुहाग के रंग में रंगा नजर आया।
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