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पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ शंकर दयाल शर्मा का जीवन देश को समर्पित रहा-श्रीमती राजकमल सक्सेना

पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ शंकर दयाल शर्मा का जीवन देश को समर्पित रहा-श्रीमती राजकमल सक्सेना

रिपोर्ट अमन मलिक

रामपुर मनिहारान-रामरति एजुकेशन कॉम्प्लेक्स की प्रेजिडेंट श्रीमती राजकमल सक्सेना ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ शंकर दयाल शर्मा का जीवन देश को समर्पित रहा जिनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

रामरति एजुकेशन कॉम्प्लेक्स की प्रेजिडेंट श्रीमती राजकमल सक्सेना ने देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ शंकर दयाल शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वर्गीय डॉ शंकर दयाल का जीवन अद्भुत था।वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे,विद्वान, लेखक,समाज सुधारक और दूर द्रष्टा थे।भोपाल में जन्में डॉ शंकर दयाल शर्मा देश और देशवासियों से बेहद प्रेम करते थे।अंग्रेजों से आज़ादी के बाद भी उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी को निभाया।कई राज्यों के राज्यपाल और उपराष्ट्रपति के बाद वे देश के राष्ट्रपति बने।डॉ शंकर दयाल शर्मा ऐसे भारत का सपना देखते थे जहाँ सभी खुशहाल हों।राजकमल सक्सेना ने कहा कि डॉ शंकर दयाल शर्मा का जीवन देश को समर्पित रहा।हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।राजकमल सक्सेना ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हम ऐसे महान व्यक्ति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा के सुपुत्र आशुतोष दयाल शर्मा के सानिध्य में कार्य रहे हैं।आशुतोष दयाल शर्मा अपने पिता के नक़्शे क़दम पर चल रहे हैं।वे भी अपने देश और देशवासियों से बहुत प्यार करते हैं और विजीसीएफ की इकाई रामरति एजुकेशन कॉम्प्लेक्स के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि डॉ शंकर दयाल शर्मा 26 दिसम्बर 1999 को स्वर्गलोक चले गए लेकिन उनके आदर्श हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

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