साधु स्वच्छंद तो परमात्मा से होता है संबंध नहीं रहता कोई भय+आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी
रिपोर्ट एसडी गौतम
मोरना- अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन रजि. गुरु गद्दी ऊन के तत्वाधान में गांव तेजलहेडा में आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया गया।
संगत को निहाल करते हुए गुरु गद्दी ऊन के महंत आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी जी महाराज ने सिद्धपीठ चेतन समाधि स्थल गुरु गद्दी ऊन की महिमा का बखानकर वर्तमान पर प्रकाश डालते हुए संस्कारों को धारण करने और मोबाइल से आ रही सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की बात कही। श्री आचार्य जी ने कहा कि जिसका संबंध सतगुरु जी (परमात्मा) से होता है उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता है इसलिए सेवक का अपने गुरु के प्रति प्रेम और विश्वास कम नहीं होना चाहिए क्योंकि सच्चा सेवक कभी भी विचलित नहीं होता है और साधु स्वच्छंद होते है। महात्मा प्रेमदास जी महाराज व महात्मा सतीश दास जी ने भी अपनी वाणी से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पत्रकार एसडी गौतम ने सभी से बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर व ज्योतिबा फुले के जीवन संघर्ष से सीख लेकर अंधविश्वास व पाखंडवाद छोड़कर गुरुमार्ग पर चलने की बात कहते हुए शिक्षित होने की बात कही। कार्यक्रम आयोजक जयपाल सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मांगेराम बर्मन, नितराम दास, सुमेरसिंह, चंद्रकिरण बर्मन, रोहताश, प्रवेश कुमार, कुलविंद्र, शौकेंद्र, आदेश कुमार, निवेश कुमार, बालक अर्जुन सूर्यवंशी, संजू, जितेंद्र सिमार, राजू, श्रवण कुमार, नरेंद्र कुमार, अंत कुमार, आशीष कुमार, मंगेश, भागवंती दासी व मिथलेश दासी समेत हजारों अनुयाई मौजूद रहे।
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