यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में 27 जनवरी को सहारनपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के कथित काले कानून को लेकर देशभर में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। इसी क्रम में 27 जनवरी को सहारनपुर की धरती से एक बड़े आंदोलन की घोषणा की गई है। आंदोलन के तहत प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
करणी सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज चौहान ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देने वाली सरकार ने शिक्षा व्यवस्था के साथ छल किया है। यूजीसी के माध्यम से ऐसा कानून लाया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए घातक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक वर्ग का नहीं है, बल्कि इसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, खत्री, त्यागी, मुस्लिम एवं जनरल समाज के लोग एकजुट होकर भाग लेंगे। आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती।नीरज चौहान ने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पार्टी केवल दो लोगों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मंदिरों, मठों एवं सामाजिक संस्थाओं में हस्तक्षेप कर रही है और सवर्ण समाज को कमजोर करने की नीति अपना रही है।उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक हैं और सरकार जनभावनाओं से ध्यान भटकाने के लिए रणनीति बना रही है, लेकिन जनरल समाज अब जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है।यदि यूजीसी का यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
0 टिप्पणियाँ