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50 हजार का लालच देकर संत को फंसाने के लिए बनारस से बुलाई गयी थी महिला

 50 हजार का लालच देकर संत को फंसाने के लिए बनारस से बुलाई गयी थी महिला

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-श्रीपंचायती अखाड़ा तपोनिधि निरंजनी के महामण्डलेश्वर व उज्जैन के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी शांति स्वरूपानंद महाराज को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।

मामले में पुलिस ने पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और उनके साथी घनश्याम पटेल के खिलाफ केस दर्ज किया है।दोनों पर आरोप है कि उन्होंने शांति स्वरूपानंद की छवि खराब करने और उनसे अवैध वसूली के मकसद से यह जाल बुना गया था।पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने साजिश को अंजाम देने के लिए बनारस की एक महिला को पैसों का लालच देकर अपनी टीम में शामिल किया था।योजना ये थी कि महिला के जरिए महामंडलेश्वर पर बलात्कार का झूठा आरोप लगवाया जाए और फिर केस वापस लेने के बदले उन्हें ब्लैकमेल किया जाए।पुलिस की सक्रियता के कारण यह साजिश समय रहते उजागर हो गई और मुख्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो गई।साध्वी मंदाकिनी पुरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है,वह पहले भी जेल की हवा खा चुकी हैं।वर्तमान में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है,इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि इस षड्यंत्र की पूरी सच्चाई सामने आ सके।महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार,रंगपंचमी के दिन दत्त अखाड़ा परिसर में कुछ संदिग्ध लोगों के पकड़े जाने की सूचना मिली थी।महंत आनंद पुरी महाराज ने पकड़े गए लोगों को पुलिस के हवाले किया।पुलिस ने मौके से एक महिला को पूछताछ के लिए थाने लाकर वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच की।महिला ने पुलिस को बताया कि 27फरवरी को घनश्याम पटेल उससे मिलने बनारस आया था।उसने 50हजार रुपए देने का लालच देकर उज्जैन आकर महामंडलेश्वर के खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज़ कराने को कहा था।



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