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गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में दो दिवसीय खेल महोत्सव का शुभारंभ

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में दो दिवसीय खेल महोत्सव का शुभारंभ

संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने खेल भावना से कराया संकल्पित

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में कार्यकर्ता भाइयों की शारीरिक दक्षता और मानसिक स्फूर्ति को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय खेल महोत्सव का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने केसरिया ध्वज फहराया और पूर्ण शुचिता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं,बल्कि अनुशासन और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।इस खेल महोत्सव का सबसे रोमांचक आकर्षण वॉलीबॉल का मुकाबला रहा,जिसमें युवा आइकॉन डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने मैदान में उतरकर टीम का नेतृत्व किया। एक कुशल खिलाड़ी की भांति उन्होंने कई शानदार शॉट्स लगाए और अपनी टीम को निर्णायक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्हें खेल के मैदान में पसीना बहाते देख युवा कार्यकर्ताओं में अपार ऊर्जा का संचार हुआ।खेल महोत्सव में उम्र की सीमाएं टूटती नजर आईं।रस्साकशी प्रतियोगिता में 60वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ युवाओं ने अपना भरपूर दमखम दिखाया।अवधेश पाण्डेय की टीम ने अद्भुत तालमेल दिखाते हुए मात्र 1 मिनट से भी कम समय में प्रतिद्वंद्वी टीम को परास्त कर जीत दर्ज की।वहीं 400मीटर दौड़ में प्रतिभागियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिसमें जग्गू गढ़तिया जी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।गोला फेंक प्रतियोगिता में 50वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी भुजाओं की शक्ति का प्रदर्शन किया।खेल महोत्सव के आयोजक मण्डल ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के भीतर टीम भावना, धैर्य और जुझारूपन को विकसित करना है।ऐसे आयोजनों से स्वास्थ्य बेहतर होता है और साथ ही एक नई मानसिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।सभी ने राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ इस महोत्सव का आनंद लिया।उपस्थित जनसमुदाय ने हिन्दी,अंग्रेजी,गुजराती,भोजपुरी,तमिल आदि भाषाओं में कमेंट्री का खूब आनंद लिया।इस अवसर पर महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या सहित शांतिकुंज देश विदेश से अनेकानेक मौजूद रहे।



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