मेरठ कॉलेज के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर गुकाविवि पहुचे,किया अवलोकन
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- मेरठ कॉलेज,मेरठ के मनोविज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण दल मंगलवार को प्रो.मंजू खोखर के नेतृत्व में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय पहुंचा।इस दौरान मेरठ कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक प्रो.अनिता मोराल और प्रो.भगत सिंह भी दल के साथ उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार के नेतृत्व में भ्रमण दल का स्वागत किया गया।कुलपति प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा ने छात्र- छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी से अध्ययन करने,अपने गौरवशाली इतिहास को जानने तथा स्वामी दयानंद सरस्वती के‘सत्यार्थ प्रकाश’का अध्ययन करने का आह्वान किया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.सत्यदेव निगमालंकार के निर्देशन में यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्म के रूप में उपस्थित प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों को दैनिक यज्ञ करना चाहिए।इससे विचारों की शुद्धि होती है तथा आत्मबल की वृद्धि होती है।उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।इस दौरान डॉ.अरुण कुमार ने मनोविज्ञान विभाग में संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में छात्रों को अवगत कराया। भ्रमण दल ने मनोविज्ञान विभाग की प्रयोगशाला,केंद्रीय पुस्तकालय तथा विश्वविद्यालय के संग्रहालय का भी भ्रमण किया और विभिन्न मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रो.मंजू खोखर ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में आकर दल के सभी सदस्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है,जिसका लाभ भविष्य में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को अवश्य मिलेगा।डॉ.अजीत सिंह तोमर ने विश्वविद्यालय के इतिहास एवं विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1902 में स्वामी श्रद्धानंद द्वारा इस संस्थान की स्थापना की गई थी और यह विश्वविद्यालय अपनी विशिष्ट शिक्षा पद्धति के कारण अन्य विश्वविद्यालयों से अलग पहचान रखता है।वहीं प्रो.राकेश कुमार ने मनोविज्ञान विभाग की उपलब्धियों से छात्रों को अवगत कराया।इस अवसर पर डॉ.मनोज चौहान,डॉ.विक्रम सिंह तथा शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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