अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा नीर नारी शक्ति सम्मान
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून-अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभअवसर पर सर्वेचौक अवस्थित आई.आर.डी.टी. ऑडिटोरियम में जल महोत्सव पखवाड़ा के दौरान‘‘नीर नारी शक्ति सम्मान-2026‘‘समारोह का आयोजन राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन तथा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन,देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।नीर नारी शक्ति सम्मान समारोह का शुभारम्भ कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग,की अध्यक्षा श्रीमती कुसुम कण्डवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पेयजल विभाग में कार्यरत महिला अभियन्ताओं द्वारा पेयजल के क्षेत्र में किये गये जा रहे कार्यों के बारे में अपने अनुभव साझा किये गये।राज्य के विभिन्न जनपदों से उपस्थित महिला सदस्यों द्वारा पेयजल,स्वच्छता,जल संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु ग्रामों में किये जा रहे अनुकरणीय अनुभव/विचार साझा किये गये।अपने विचार व्यक्त करते हुये महिला सदस्यों द्वारा जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के पश्चात उनके जीवन स्तर में आये बदलावों के सम्बन्ध में अपने-अपने अनुभव/विचार साझा किये गये।समारोह के दौरान जल जीवन मिशन कार्यक्रम से पूर्व एवं वर्तमान में प्रत्येक घरों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध होने पर आये सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव,जल जनित बीमारियों में कमी,ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में आये बदलावों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।नारी शक्ति सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान राज्य में पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी एवं अनुकरणीय नेतृत्व कर रही ग्राम प्रधानों,जल सखियों,ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति की सदस्यों, पर्यावरण सखियों,ग्रामों में पेयजल गुणवत्ता की जाँच हेतु उत्तरदायी महिला सदस्यों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के सहयोग से जल जीवन मिशन योजना को वास्तव में धरातल पर क्रियान्वित किया गया है,इसके लिये पेयजल विभाग के समस्त अधिकारियों का हृदय से धन्यवाद।इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत महिलाआंे,बच्चों एवं बुजुर्गों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है,विशेषकर महिलाओं के कार्यबोझ में कमी आयी है। जंगली जानवरों से उत्पन्न खतरों/जोखिमों में कमी आयी है।स्कूली बच्चे अब अत्यधिक समय अपनी पढ़ाई में दे रहे हैं।ग्रामीण समुदाय की महिलायें अपने बचे हुये अतिरिक्त समय का सदुपयोग अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करने एवं विभिन्न प्रकार की आजीविका गतिविधियों को संचालित करने में कर रही हैं।इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को घरों में नल से शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है,जिससे दूषित पेयजल के उपयोग से होने वाली बीमारियों में भी कमी आयी है।‘‘नीर नारी शक्ति सम्मान- 2026‘‘समारोह में रोहित मीणा,मिशन निदेशक,सुनील तिवारी,अधीक्षण अभियन्ता,अनन्त सिंह सैनी,अधिशासी अभियन्ता, जल जीवन मिशन,राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन,देहरादून,श्रीमती मिशा सिन्हा,अधीक्षण अभियन्ता,श्रीमती कंचन रावत,अधिशासी अभियन्ता,उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अतिरिक्त राज्य/जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के कार्मिक तथा पेयजल विभाग के अधिशासी अभियन्ता ,सहायक अभियन्ता इत्यादि उपस्थित रहे।
0 टिप्पणियाँ