देसंविवि और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय,शांतिकुंज ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।विश्वविद्यालय ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय,महेंद्रगढ़ के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयु) पर हस्ताक्षर किया।
देसंविवि की ओर से प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या एवं हरियाणा के केन्द्रीय विवि की ओर से कुलपति प्रो टंकेश्वर कुमार ने एमओयु में हस्ताक्षर किया।इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि यह समझौता दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग,ज्ञान के आदान-प्रदान और शोध नवाचार की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ेगा।इस एमओयु का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों की विशिष्ट क्षमताओं का लाभ उठाकर अंतर-विषयक शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।समझौते के अंतर्गत संयुक्त शैक्षणिक शोध,संकाय एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम तथा एक-दूसरे के पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसे संसाधनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।इससे विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक परिवेश में सीखने का अवसर मिलेगा,उनकी शोध दृष्टि भी व्यापक होगी।विदित हो कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय अपने मूल्यपरक शिक्षण,संस्कारयुक्त वातावरण तथा मानकों के उच्च शैक्षणिक मानकों के कारण वैश्विक पहचान रखता है।वहीं हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय भारत सरकार द्वारा स्थापित एक प्रमुख केंद्रीय संस्थान है,जो अपनी सुदृढ़ अनुसंधान क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है।यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूत करते हुए राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस ऐतिहासिक पहल से विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के लिए नवाचार और शोध के नए द्वार खुलेंगे तथा आने वाले समय में देश के शैक्षणिक परिदृश्य और संस्थागत विकास में सकारात्मक परिवर्तन की संभावनाएँ और भी प्रबल होंगी।
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