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डीपीआरओ द्वारा गठित जांच कमेटी ने मौके पर पहुंचकर की मामले की जांच

डीपीआरओ द्वारा गठित जांच कमेटी ने मौके पर पहुंचकर की मामले की जांच

रिपोर्ट एसडी गौतम

नागल-ग्राम पंचायत नागल में बीते वर्ष 2018-19 में नलकूप व मोटर के नाम से निकाली गई धनराशि पर संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ सहानपुर द्वारा दो सदस्यीय जांच अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

ग्राम पंचायत नागल में तत्कालीन सचिव द्वारा तालाब से पानी निकासी हेतु नलकूप व मोटर लगाने की एवज में करीबन 107466₹ निकाले गए थे जिसकी कस्बा निवासी इख़लाक द्वारा 20.10.2020 को बिल बाउचर सहित शपथ पत्र देकर शिकायत कर जांच की मांग की गई थी, वर्ष 2023 में तत्कालीन एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार द्वारा मामले की जांच कराई गई थी जिसमें मोटर न होना पाया गया था। बीते 27 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता द्वारा डीपीआरओ से ग्राम पंचायत नागल की धनराशि हड़पने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी जिसपर कार्यवाही करते हुए 17.01.2026 को जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत ब्लॉक गंगोह अनिल कुमार कीर्तज व कंसल्टिंग इंजी. ब्लॉक पुवारंका अश्वनी कुमार को जांच अधिकारी नामित कर पन्द्रह दिनों में जांच आख्या उपलब्ध कराने के आदेश देते हुए एक पत्र जारी किया था जिसपर शुक्रवार 27 मार्च 2026 को करीब ढाई महीने बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति का भौगोलिक निरीक्षण कर जांच की, जिसमें ग्राम पंचायत नागल की ओर से कागजों में लगाया गया मोटर मौके पर मौजूद नहीं मिला है। अब सवाल उठता है कि जब मोटर ही मौके पर नहीं है तो फिर कागजों में मोटर चलाने के नाम पर दिखाए गए मजदूरो को किस एवज में मेहनताना दिया जा रहा था। यानि शुक्रताल तालाब पर मोटर व पाइप लाइन लगाने के नाम पर निकाली गई धनराशि 2018-19 में 52.137 ₹ तथा 2019-20 में 55.329 ₹ अर्थात 1 लाख 7 हजार 466 रुपए की निकाली गई धनराशि आखिर कहां गुम हो गई। जांचकर्ता अनिल कुमार कीर्तज ने बताया कि मामले की जांच की गई है और जल्द ही आख्या डीपीआरओ को प्रेषित कर दी जाएगी।

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