देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सांस की नली में गंभीर रुकावट से जूझ रहे 2 महीने के बच्चे की बचाई जान
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- उत्तराखंड के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 2 माह की मासूम बच्ची को नई जिंदगी दी है। जन्म से ही सांस की गंभीर समस्या से जूझ रही इस बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई थी, लेकिन विशेषज्ञों की टीम ने चुनौती को स्वीकार करते हुए उसे जीवनदान देने में सफलता हासिल की।
दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में चिकित्सकों ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद बच्ची को न्यूमोथोरैक्स (छाती में हवा का रिसाव) की समस्या हो गई थी, जिसके चलते उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। करीब एक महीने तक निजी अस्पताल में इलाज के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बाद में परिजन बच्ची को देहरादून के मैक्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि बच्ची के वॉयस बॉक्स के पास एक सिस्ट बन गई थी, जो उसकी सांस की नली को ब्लॉक कर रही थी। इसी वजह से उसे बार-बार निमोनिया हो रहा था और वेंटिलेटर से हटाना मुश्किल हो रहा था। इस जटिल सर्जरी को डॉ. रोहित श्रीवास्तव, डॉ. वैभव चाचरा और डॉ. इरम खान की टीम ने मिलकर सफलतापूर्वक किया। डॉक्टरों ने कोब्लेशन तकनीक का उपयोग कर सिस्ट को हटाया, जिससे बिना अधिक नुकसान पहुंचाए एयरवे को साफ किया जा सका। विशेषज्ञों ने बताया कि इतनी कम उम्र के शिशु में एयरवे सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि सांस की नली बहुत छोटी और संवेदनशील होती है। ऐसे मामलों में उच्च स्तर की सटीकता और अनुभव की आवश्यकता होती है। सर्जरी के बाद बच्ची की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फिलहाल उसे ट्रेकियोस्टॉमी सपोर्ट के साथ डिस्चार्ज कर दिया गया है और नियमित फॉलो-अप जारी है। डॉ. इरम खान ने बताया कि इस तरह के मामलों में समय पर सही जांच और मल्टीडिसिप्लिनरी उपचार बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों के बेहतर समन्वय से ही इस तरह की जटिल सर्जरी संभव हो पाती है।
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