जिला कारागार में किया श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
कथा के प्रभाव से बंदियों को मिलेगी सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा-पंडित अधीर कौशिक
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्रीअखंड परशुराम अखाड़े की ओर से रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।शुभारंभ से पूर्व कारागार परिसर में कलश यात्रा निकाली गई।कलश यात्रा में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य के साथ बंदी भी शामिल हुए।कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री सात दिनों तक जेल स्टाफ व बंदियों को कथा का श्रवण कराएंगे।
कथा के शुभारंभ पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आता है।उन्होंने कहा कि कारागार प्रशासन का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं,बल्कि बंदियों का सुधार और पुनर्वास भी है।बंदियों के भीतर सुधार और सद्भावना का भाव उत्पन्न करना है।कैदियों की मनोदशा में बदलाव के लिए विगत वर्षों से कारागार में धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।जिससे बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आया है।श्रीअखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कारागार में धार्मिक आयोजनों के लिए जेल अधीक्षक मनोज आर्य का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कथा के आयोजन का उद्देश्य बंदियों में नैतिक मूल्यों का संचार करना है।कथा के प्रभाव से बंदियों को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी।कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य,धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कथा के प्रभाव से बंदियों के जीवन को नई दिशा मिलेगी,उनके विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।इस अवसर पर स्वामी कार्तिक गिरी महाराज,बलविंदर चौधरी,अमित पुंडीर, बृजमोहन शर्मा,कुलदीप शर्मा,जलज कौशिक,संजू अग्रवाल,संजय शर्मा,रूपेश कौशिक,यशपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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