भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-बामसेफ के ऑफसूट संगठन भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी नियमों को लागू कराने,ओबीसी की जाति जनगणना कराने एवं 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के दूसरे चरण में शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में एससी,एसटी,ओबीसी,विकलांग एवं महिलाओं के साथ लगातार हो रहे भेदभाव को रोकने के लिए सरकार ने यूजीसी विनियम 2026 लागू किया था।जिसका स्वर्ण समाज घोर विरोध कर रहा है।भंवर सिंह ने कहा कि विरोध से साफ हो गया है कि स्वर्ण समाज के लोग एससी,एसटी,ओबीसी,विकलांग एवं महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव को कम करना नहीं चाहते,जो गंभीर चिंता का विषय है।राजाराम प्रजापति,प्रेम कश्यप, नितिन कश्यप ने कहा कि ओबीसी के अधिकारों के लिए लागू किए गए मंडल कमीशन का विरोध और 2027 में होने वाली जाति जनगणना की अधिसूचना के फॉर्म में जाति का कॉलम नहीं रखकर भाजपा ओबीसी समाज के साथ पुनःधोखाधड़ी कर रही है।लेकिन ओबीसी समाज जागरुक हो रहा है और आने वाले समय में भाजपा के षड़यंत्र का पर्दाफाश करेगा।बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव एडवोकेट संजय मूलनिवासी एवं अत्यंत पिछड़ी जाति जागृति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो वामन मेश्राम एवं चौधरी विकास पटेल के नेतृत्व में 23मार्च को रैली प्रदर्शन के बाद 23अप्रैल को भारत बंद किया जाएगा।धरना प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पास्टर सुरेंद्र कुमार,पास्टर राहुल कुमार,पास्टर नरेश कुमार,संजीव बाबा, वरिष्ठ समाजसेवी ओमपाल सिंह,पूर्व ग्राम प्रधान श्याम सुंदर आदित्य,रमेश चंद,महिपाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार,पूर्व एसआई अशोक हल्दिया,अनीता हल्दिया,बेबी देवी,रणजीत सिंह,रोहित कुमार, सुनील कुमार,भरत सिंह,वर्षा कुमारी,प्रेमचंद पासवान,विपुल कुमार,अमित कुमार आदि शामिल रहे।
0 टिप्पणियाँ