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पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता-भगत सिंह वर्मा।

पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता-भगत सिंह वर्मा।

उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के नेताओं का बोलबाला-भगत सिंह वर्मा।

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यहां की 8 करोड़ जनता के साथ घोर अन्याय व नाइंसाफी हो रही है। 

आज यहां कार्यालय पर एक बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यहां की 8 करोड़ जनता के साथ घोर अन्याय व नाइंसाफी हो रही है। यहां की 8 करोड़ जनता को न्याय के लिए 700 किलोमीटर दूर प्रयागराज हाईकोर्ट जाना पड़ता है। जबकि 45 वर्ष से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता गण मेरठ में हाई कोर्ट की बेंच को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के नेताओं का बोलबाला है। वे नहीं चाहते हैं कि मेरठ में हाई कोर्ट की बेंच बनाई जाए। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले 6 मंडल प्रदेश सरकार को 80% राजस्व देते हैं। इसके बावजूद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहतर शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं है। जब गोरखपुर और रायबरेली में एम्स स्थापित हो सकते है। तो सहारनपुर में एक एम्स क्यों नहीं होना चाहिए। केंद्र और प्रदेश का अधिकांश बजट पूर्वांचल पर खर्च किया जाता है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की घोर उपेक्षा की जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को एक पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों 6 मंडलों 27 लोकसभा क्षेत्र व 137 विधानसभा क्षेत्र को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग गठित करने की मांग की। पत्र में सहारनपुर में एक एम्स एक आई आई टी और एक आईआईएम स्थापित करने की भी मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर अशोक मलिक ने कहा कि पृथक राज्य निर्माण के बिना यहां का विकास संभव नहीं है। किसानों मजदूरों व्यापारियों बुद्धिजीवियों पत्रकारों युवाओं व छात्रों से पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। पृथक राज्य बनने पर यहां शिक्षा और चिकित्सा बेहतर होगी और प्रति व्यक्ति आय भी सबसे अधिक होगी। और मेरठ में ही राजधानी और हाईकोर्ट होगा। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल ने की। और संचालन प्रदेश सचिव मास्टर रईस अहमद ने किया। बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार रजत शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ मूर्तजा सलमानी प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी प्रदेश सचिव डॉक्टर परविंदर मलिक प्रदेश मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद वसीम जहीरपुर जिला मंत्री मुकर्रम प्रधान अब्दुल सलाम पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधीर चौधरी अरविंद चौधरी रविंद्र प्रधान हाजी बुद्धू हसन महबूब हसन डॉक्टर यशपाल त्यागी नेनसिंह सैनी आदि ने भाग लिया।


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