जनपद की महिला समूह को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत
क्लाउड किचन हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किया समापन
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-जनपद में महिला समूह को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित निरंतर प्रयासरत है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं पंजाब नेशनल बैंक के सीएसआर गतिविधियों के अर्न्तगत क्लाउड किचन के दिया जा रहा प्रशिक्षण का आज समापन किया गया।
समापन के मौके पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित कार्यक्रम को संबोधित किया।उन्होने महिलाओं का उत्साहवर्धन एवं हौसला अफजाई करते हुए कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है, क्लाउड किचन का जो उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है,इस कार्य में वह पहले से ही निपूर्ण है तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में किस तरह से मार्केटिंग की जानी है,इसका प्रचार प्रसार किया जाना है। इस संबंध में सभी ने तीन दिनों के प्रशिक्षण सत्र में पूरी जानकारी प्राप्त कर ली होंगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने महिलाओं को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि खाना बनाने/क्लाउड किचन के लिए साफ सफाई एवं गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है तथा खाना बनाने में घर के मसाले एवं ब्रांडेड मसालों का ही उपयोग करे।उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार एक धार्मिक स्थल है जहां लोग शाकाहारी भोजन की ज्यादा मांग है,इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया में अपना अकाउंट बना कर व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा गया, जिससे कि अधिक से अधिक लोग क्लाउड किचन के माध्यम से तैयार किए गए घर जैसे खाने की मांग कर सके। उन्होंने कहा की क्लाउड किचन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को पूरा सहयोग किया जाएगा,जिसके लिए उन्होंने फूड डिलीवरी ऑनलाइन कंपनी ज़ोमैटो/ स्विग्गी द्वारा भी उनका सहयोग किया जाएगा।ताकि उनके खाने की मांग ज्यादा से जायदा उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने क्लाउड किचन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन के माध्यम से महिलायें अपने घर की रसोई से रोजगार शुरू कर सकती है।उन्होंने कहा कि जनपद में कई इंडस्ट्रियल एरिया एवं कंपनिया है जिसमें कार्य करने वाले कामगारों को खाने की डिमांड दिन रात रहती है तथा उन्हें घर जैसे खाना एवं उनकी मनपसंद का खाना उपलब्ध हो इसी उद्देश्य से महिलाओं को दूसरे चरण का क्लाउड किचन का प्रशिक्षण दिया गया है।उन्होंने कहा कि पहले चरण में 25महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है,जिनके द्वारा गंगा रसोई के नाम से अपना क्लाउड किचन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस अवसर पर लीड बैंक अधिकारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन पंजाब नेशनल बैंक सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक शिव कुमार के सहयोग से 30महिलाओं को क्लाउड किचन का प्रशिक्षण दिया गया।इस अवसर पर परियोजना निर्देशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल,बीपीडीई राव आश्कर,इनक्यूबेशन मैनेजर योगेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के मंडल प्रमुख रंजन प्रकाश,ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान निर्देशक शिव कुमार,आचार्य ईटीसी दीप्ति भट्ट,वरिष्ठ प्रशिक्षक संदीप गुप्ता सहित जमातों एवं फूड डिलीवरी कंपनी ज़ोमैटो/स्विग्गी कंपनी के प्रतिनिधि सहित क्लाउड किचन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं,संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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