मदरसा छात्रों को पढ़ाया बुखारी शरीफ का पहला पाठ
दारुल उलूम के शेखुल हदीस की नसीहत: मेहनत और लगन से तालीम हासिल करें छात्र
रिपोर्ट समीर चौधरी
देवबंद-मदरसा दारुल उलूम फारूकिया में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई। इसमें दारुल उलूम के शेखुल हदीस मौलाना मुफ्ती अमीन पालनपुरी ने छात्रों को बुखारी शरीफ का पहला सबक पढ़ाया। साथ ही छात्रों से मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करने की नसीहत की।
ईदगाह रोड स्थित मदरसे में हुए कार्यक्रम में मुफ्ती अमीन पालनपुरी ने कहा कि छात्रों को नसीहत करते हुए कहा कि बुखारी शरीफ की शुरुआत इखलास (नीयत की शुद्धि) की हदीस से होती है। यह इस बात का संकेत है कि दीन के ज्ञान की इमारत केवल और केवल इखलास की बुनियाद पर ही खड़ी हो सकती है। उन्होंने छात्रों को अपने शैक्षिक सफर में तकवा (परहेजगारी), विनम्रता और बुजुर्गों के पदचिन्हों पर चलने की नसीहत की। कहा कि यही वह रास्ता है जो इंसान को सच्ची इंसानियत के ऊंचे पद पर पहुंचाता है। कार्यक्रम के अंत में संस्था के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी बस्तवी ने छात्रों से आह्नान किया कि वह जिस फिजूल कामों में न पड़कर सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित करें। इस मौके पर दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना मुफ्ती आदिल, मौलाना अबू शिबली, मौलाना मेराज आदि मौजूद रहे।
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