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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संगोष्ठी का आयोजन, विशेषज्ञों ने रखे सशक्त विचार

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संगोष्ठी का आयोजन, विशेषज्ञों ने रखे सशक्त विचार

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर- ग्लोकल विश्वविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत एक प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रख्यात वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर डॉ. अतीका बानो, ग्लोकल लॉ स्कूल की डीन ने अपने वक्तव्य में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी और समाज में समानता की भावना को बल मिलेगा।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस परिवर्तन का समर्थन करें और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करें।वहीं छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शोभा त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि “महिला सशक्तिकरण केवल कानूनों से नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में परिवर्तन से संभव है। यह अधिनियम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करता है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करता है।” उन्होंने शिक्षा और जागरूकता को सशक्त समाज की नींव बताया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाना तथा उन्हें सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करना रहा।अंत में आयोजकों ने सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर  विभिन्न विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड सोशल साइंस के डीन डॉ. वसीम अहमद और ग्लोकल लॉ स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद भी रहे।

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