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प्रधानमंत्री जी श्वेत पत्र जारी करके गन्ना किसानों को बताएं की कैसे 5 करोड लोगों को लाभ होगा-भगत सिंह वर्मा।

 प्रधानमंत्री जी श्वेत पत्र जारी करके गन्ना किसानों को बताएं की कैसे 5 करोड लोगों को लाभ होगा-भगत सिंह वर्मा।

₹10 कुंतल एफआरपी बढ़ाना गन्ना किसानों के साथ बड़ा धोखा-भगत सिंह वर्मा।

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर- प्रधानमंत्री जी श्वेत पत्र जारी करके बताएं की कैसे देश के 5 करोड़ गन्ना किसानों को मात्र ₹10 कुंतल एफआरपी बढ़ाकर लाभ होगा। पहले एफआरपी 8:50 परसेंट रिकवरी पर तय होता था जो केंद्र सरकार ने चीनी मिलो के प्रभाव में आकर 10.25 परसेंट रिकवरी पर 365 रुपए तय किया है। इस एफआरपी से सीधे-सीधे चीनी मिल मालिकों को लाभ होगा।

आज यहां कार्यालय पर विशेष बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने ₹10 कुंतल एफआरपी गन्ना मूल्य बढ़ाकर देश के गन्ना किसानों के साथ कुरुर मजाक किया है। और यह बड़ा धोखा है। उचित और लाभकारी मूल्य एफआरपी का हिंदी में नाम है। 365 रुपए कुंतल गन्ना मूल्य न उचित है और लाभकारी तो किसी भी कीमत पर नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य ₹400 प्रति कुंतल है ।हरियाणा में 415 रुपए कुंतल है। पंजाब में 416 रुपए कुंतल है। पंजाब की सरकार ने इस वर्ष अपने गन्ना किसानों को 67 रुपए 50 पैसे कुंतल बोनस अपने गन्ना किसानों को दिया है। हरियाणा सरकार ने अपने गन्ना किसानों को 18 रुपए कुंतल बोनस दिया है। गन्ने की उत्पादन लागत 550 रुपए कुंतल आ रही है। इस हिसाब से केंद्र सरकार की एफआरपी और उत्तर प्रदेश की एस ए पी गन्ना किसानों के साथ बड़ा धोखा है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि आज गन्ना से  चीनी शीरा बगास प्रेसमड़  मैली अल्कोहल सहित हजारों उत्पाद बनते हैं। जिनसे प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को हजारों करोड रुपए नहीं लाखों करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद भी एक वर्ष तक गन्ना उत्पादन करने वाले गन्ना किसानों को गन्ने का उत्पादन लागत 550 रुपए कुंतल भी गन्ने का मूल्य प्रदेश और केंद्र सरकार नहीं दिला पा रही है। प्रदेश और केंद्र सरकार को गन्ना किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 रुपए कुंतल कम से कम दिलाना चाहिए। प्रदेश और केंद्र सरकार चीनी मिल मालिकों से मिलकर दोनों हाथों से गन्ना किसानों को लूट रही है। और चीनी मिलों से गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर भी नहीं करा पा रही है। जिसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार सीधे-सीधे जिम्मेदार है। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सलाहकार हाफिज मूर्तजा त्यागी ने की। और संचालन प्रदेश सचिव ऋषि पाल गुर्जर ने किया। बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर अशोक मलिक प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी प्रदेश सचिव मास्टर रईस अहमद जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट जिला उपाध्यक्ष वसीम जहीरपुर प्रदेश मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह आदि ने भाग लिया।

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