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स्पर्श- प्रयास" के द्वारा "नाद प्रवाह" के अंतर्गत निशुल्क ग्रीष्मकालीन सरोद की 15 दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

स्पर्श- प्रयास" के द्वारा "नाद प्रवाह" के अंतर्गत निशुल्क ग्रीष्मकालीन सरोद की 15 दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी( संस्कृति  विभाग उत्तर प्रदेश)एवं " स्पर्श- प्रयास" के द्वारा  "नाद प्रवाह" के अंतर्गत एक निशुल्क ग्रीष्मकालीन सरोद की 15 दिवसीय कार्यशाला आशा मॉडर्न स्कूल चन्दर नगर में प्रारंभ हुई ।

मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने कार्यशाला में पहुंच कर सभी बच्चों को से कहा कि संगीत से बचपन में से ही जुड़ने से आगामी जीवन में नए आयामों को प्राप्त किया जा सकता है।वशिष्ठ कला संस्कृति के पुरोधा एवं पत्रकार राजेंद्र शर्मा ने सीडीओ सुमित महाजन का गुलदस्ता  भेंट कर स्वागत किया।दिनांक 1 से चयन प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी जिसमें से विभिन्न विद्यालयों के 35 बच्चों का चयन हुआ है।सभी बच्चे आज से आशा मॉडर्न स्कूल चन्दर नगर में  दिनाँक 7 जून से 21 चलने वाली इस कार्यशाला में भाग लेंगे।  "स्पर्श -प्रयास" के संस्थापक एवं इस सरोद कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक पंकज शंकर मल्होत्रा को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक आकादमी के अतर्गत सरोद प्रशिक्षण देने के लिए नियुक्त किया गया है।जानकारी देते हुए समन्वयक शैफाली ने बताया कि यह सहारनपुर शहर के लिए गौरव की बात है कि पंकज शंकर के अथक प्रयासों से सहारनपुर को सरोद के नाम से पहचाना जा रहा है जिसके किए उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के डायरेक्टर शोभित कुमार नाहर ने विशेष रूप से सरोद कार्यशाला को सहारनपुर में  चिह्नित किया है।सहारनपुर शास्त्रीय वादन संगीत  की इस पहल पर सरोद गुरु पंडित पार्थों सारथी,ध्रुपद उस्ताद वसीफुद्दीन,बाउल गायन गुरु पार्वती बाउल,कबीर गायन गुरु प्रहलाद टिपणिया जैसे विश्व कला गुरुओं ने बधाई दी है। उन्होंने बताया पंकज शंकर पिछले दो वर्षों से कम लागत के सरोद को अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है जिसका नया मॉडल लगभग तैयार हो चुका है और उसे हाल ही में वह पंकज जी के साथ  इस नव विरमित सरोद के साथ कलकत्ता पहुंचे और  सरोद वादक पंडित राजीव चक्रवर्ती ,उस्ताद अबीर हुसैन और सरोद सिस्टर्स ट्रोली दत्ता - मोइली दत्ता ने सहारनपुर में बने एक नए प्रकार के सरोद को दिखाया। सभी सरोद गुरुओं ने इस नए सरोद को बजाया और इसकी बनावट को सराहा गया कुछ आश्यक बदलावों के साथ ही इसी कार्यशाला के बीच या आगामी माह में इस नव निर्मित सरोद का लोकार्पण करने सरोद गुरु पहुंचेंगे।*स्पर्श* प्रयास  के माध्यम से अभी तक विभिन्न प्राइवेट एवं सरकारी विद्यालयों के 10000 से अधिक बच्चों ने भारतीय शास्त्रीय वाद्यों को छुआ है। कार्यशाला में इसके अतिरिक्त बच्चों ने संतूर, सितार,बांसुरी,इसराज दिलरुबा,सारंगी ,वायलिन,हारमोनियम की प्रारंभिक  जानकारी ली । प्रधानाचार्य दिव्य जैन ने विद्यालय प्रागण में कार्यशाला के किए  सभी  व्यवस्थाएं उपलब्ध कराते हुए कहा संगीत  विद्या सभी के लिए है और सभी को इस विद्या का प्रारंभिक ज्ञान लेना चाहिए। इस अवसर पर ।कार्यक्रम में नितिन जैन ,राजीव चौधरी ,सावी छाबड़ा,नेहा कपिल,अपूर्वा जैन,प्रशांत कुमार,सुप्रिया सिंघल ,कंचन नागर ,प्रिंस शर्मा,अनुज जैन आदि मौजूद रहे।

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स्पर्श- प्रयास" के द्वारा "नाद प्रवाह" के अंतर्गत निशुल्क ग्रीष्मकालीन सरोद की 15 दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ