सनातन की धरोहर है कुंभ मेला-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रतीक बनेगा कुंभ मेला-स्वामी बालकानंद गिरी
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने निरंजनी अखाड़े पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज से भेंट की।
भेंट के दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज एवं आनन्द पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरी ने सनातन धर्म और हरिद्वार कुंभ मेले को लेकर चर्चा करते हुए युवा पीढ़ी से पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर सनानत संस्कृति का अनुसरण करने का आह्वान किया।श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सदैव वसुधैव कुटुंकम का संदेश देने वाली सनातन संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है और कुंभ मेला सनातन की धरोहर है।सभी तेरह अखाड़े और समस्त संत समाज मिलकर अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले को भव्य और दिव्य स्वरूप में संपन्न कराएगा।उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय युवा पाश्चात्य संस्कृति का मोह त्यागकर सनातन संस्कृति को अपनाएं और सनातन को आगे बढ़ाने में योगदान करें।आह्वान पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि अखाड़ा परिषद संतों की सर्वोच्च संस्था है और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी संत परंपरांओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ है।उसी प्रकार विश्व की आध्यात्मिक राजधानी हरिद्वार के गंगा तट पर अगले साल होने वाला कुंभ मेला भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रतीक बनेगा।कुंभ मेले के दौरान गंगा तट पर संतों की दिव्य वाणी से प्रसारित होने वाले आध्यात्मिक संदेश पूरे विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी,भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी,महंत राज गिरी,स्वामी कुलदीप गिरी,स्वामी नत्थीनंद गिरी,आचार्य मनीष जोशी,विनीत कुमार लोहिया आदि मौजूद रहे।
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