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नशे के नेटवर्क पर होगा करारा प्रहार, ड्रग्स माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

 नशे के नेटवर्क पर होगा करारा प्रहार, ड्रग्स माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता एवं ड्रग्स टेस्टिंग अभियान, 

भांग,अफीम,गांजा और चरस की खेती मिलने पर पटवारी और वीडीओ होंगे जिम्मेदार

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

देहरादून-युवाओं को नशे के जाल से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिलास्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशे की मांग और आपूर्ति,दोनों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
ड्रग्स टेस्टिंग में उपकरणों की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने दो नई सलाइवा-बेस्ड टेस्टिंग मशीनों की खरीद के लिए मौके पर ही धनराशि स्वीकृत की।जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी नशा तस्करों के आसान निशाने पर होते हैं।युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। नशे के शारीरिक,मानसिक,सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ ड्रग्स टेस्टिंग अभियान भी चलाया जाए।प्रत्येक शिक्षण संस्थान में हर माह एक दिन निर्धारित कर छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए।उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए इसकी मांग पर अंकुश लगाना जरूरी है।जब लोग जागरूक होंगे और नशे से दूर रहेंगे,तभी तस्करों का नेटवर्क कमजोर होगा।युवाओं को नशे के लिए प्रेरित करने वाला व्यक्ति उनका हितैषी नहीं,बल्कि उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाला अपराधी है।ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को संबंधित थाना प्रभारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति केंद्रों,शिक्षण संस्थानों तथा इनके आसपास स्थित मलिन बस्तियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। नशे की गिरफ्त में आए लोगों से संवाद कर फीडबैक लिया जाए और उससे मिलने वाले सुरागों के आधार पर नशे के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।जिलाधिकारी ने जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।कल्याणपुरी में भांग की खेती होने की शिकायत पर आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खेती नष्ट कराई।इस मामले में जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में भांग,अफीम,गांजा या चरस की अवैध खेती अथवा कारोबार पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक में बताया गया कि सितंबर माह में शिक्षण संस्थानों में रैंडम सैंपलिंग के तहत मेडिकल टीम ने 147ड्रग्स टेस्ट किए,जिनमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर 1933 के पंपलेट एवं पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।सितंबर माह में एएनटीएफ टीम ने 95स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2026तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 244 मुकदमे दर्ज किए गए,जिनमें 281आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित 15अभियोग दर्ज कर 23आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी के दौरान आठ संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया।सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)स्मृता परमार,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एम.के.शर्मा,सीओ सदर अंकित भंडारी,जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल,ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी,जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती सहित समिति के अन्य सदस्य वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।



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