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उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने किया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन

 उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने किया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन हरिद्वार इकाई द्वारा हाईवे स्थित होटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में चुनौतियां एवं अवसर विषय पर कार्यशाला एंव संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यशाला का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजन महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज,मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, वरिष्ठ कांग्रेस नेता किरणपाल बाल्मीकि,मुख्य वक्ता एआई विशेषज्ञ पीयूष पांडेय,यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरूण शर्मा,, कार्यक्रम संयोजन अनिरूद्ध भाटी,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अविक्षित रमन,प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीकांत शुक्ल ने संयुक्त से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार रजनीकांत शुक्ल ने किया।पत्रकार यूनियन की और से सभी अतिथियों का फूलमाला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज ने कहा कि मशीनें सूचनाएं और आंकड़े तेजी से जुटा सकती हैं,लेकिन सामाजिक चेतना और सत्य की परख केवल एक सजग पत्रकार ही कर सकता है।उन्होंने तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि नकारात्मक प्रयोग का सीधा दुष्प्रभाव समाज पर पड़ता है।मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं एआई विशेषज्ञ पीयूष पाण्डेय ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक पत्रकारिता के लिए एक शक्तिशाली औजार है,जो पत्रकारों के काम को आसान और तेज बनाता है।डेटा विश्लेषण ,ऑडियो-वीडियो ट्रांसक्रिप्शन,भाषा अनुवाद और शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने में यह बेहद मददगार है। हालांकि,किसी भी खबर को अंतिम रूप देने से पहले तथ्यों का मानवीय सत्यापन अनिवार्य है।डीपफेक और एआई-जनरेटेड फेक न्यूज के दौर में यह याद रखना होगा कि एआई केवल एक सहायक उपकरण है। अंतिम निर्णय और संपादकीय विवेक हमेशा पत्रकार का ही होना चाहिए।मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती एवं अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य मनोज गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए।यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि यदि पत्रकार समय के साथ तकनीकी बदलावों को नहीं अपनाएंगे,तो वे प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाएंगे।एआई से पत्रकारिता समाप्त नहीं होगी,बल्कि इसके सही इस्तेमाल से खोजी पत्रकारिता और त्वरित रिपोर्टिंग की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।यूनियन के जिलाध्यक्ष संजय आर्य,कार्यकारी अध्यक्ष संजय रावल एवं कार्यक्रम संयोजक अनिरूद्ध भाटी ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि सच और झूठ के अंतर को समझने की आवश्यकता है।कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों एवं अधिकारियों को सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वालों में मुख्य रूप से सूचना अधिकारी कुंभ मेला सूचनाधिकारी कीर्ति पंवार,जिला सूचना अधिकारी रतिलाल शाह।वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेंद्र हर्ष, गुलशन नैयर,राधेश्याम विद्याकुल,,अवधेश शिवपुरी,त्रिलोक चंद भट्ट,सुदेश आर्य,नरेश दीवान शैली,परमजीत राणा,राजेन्द्रनाथ गोस्वामी,ओम गौतम फक्कड़,ललितेंद्र नाथ,शैलेंद्र सिंह, जगदीश देशप्रेमी,रामेश्वर दयाल,मुदित अग्रवाल,गोपाल कृष्ण पटुवर,ऋषि सचदेवा,निशांत गर्ग आदि शामिल रहे।कार्यक्रम में जगदीशलाल पाहवा,डा.विशाल गर्ग सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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