रोबोटिक्स के मॉडल से छात्रों ने दिखाई वैज्ञानिक सोच, विज्ञान प्रदर्शनी में दिखी प्रतिभा
एमसीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन,
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-रोबोटिक्स के मॉडल,विज्ञान के प्रयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की झलक... एमसीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित रोबोटिक्स एवं विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार ने भविष्य की तकनीक की तस्वीर पेश की।छात्र-छात्राओं ने अपने हुनर और वैज्ञानिक सोच के दम पर विभिन्न मॉडल तैयार कर यह दिखाया कि जिज्ञासा, प्रयोग और रचनात्मकता से किताबी ज्ञान को कैसे व्यवहारिक रूप दिया जा सकता है। प्रदर्शनी का शुभारंभ संस्था के सचिव डॉ.अशोक शास्त्री,प्रबंधक डॉ.वीणा शास्त्री,निदेशिका डॉ.विशाखा कुमार और प्रधानाचार्य नीलम बख्शी ने किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ.अशोक शास्त्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं,बल्कि विद्यार्थियों में सोचने,सवाल करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना है।रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के दौर की महत्वपूर्ण तकनीकें हैं।ऐसी प्रदर्शनियों से बच्चों को अपनी कल्पनाओं को प्रयोगों के माध्यम से साकार करने का अवसर मिलता है और उनमें नवाचार,आत्मविश्वास तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है।उन्होंने कहा कि तकनीक का विकास मानव कल्याण और समाज की बेहतरी के लिए होना चाहिए। एआई और रोबोटिक्स का उपयोग जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर किया जाना जरूरी है।विद्यालय में अन्य विषयों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पठन-पाठन भी शिक्षकों के माध्यम से कराया जा रहा है। रोबोटिक्स इसी तकनीकी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।इसके माध्यम से ऐसे रोबोटिक सिस्टम विकसित किए जाते हैं,जो मनुष्यों के कई कार्यों को स्वचालित तरीके से कर सकते हैं। प्रबंधक डॉ.वीणा शास्त्री ने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता,रचनात्मकता और कार्यक्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देती है।उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी मिले,ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से बच्चों में नवाचार की भावना विकसित होती है और वे नए विचारों को साकार करने के लिए प्रेरित होते हैं।निदेशिका डॉ.विशाखा कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक नवाचारों से परिचित कराना बेहद जरूरी है।रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की संभावनाओं के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पनाओं को वास्तविक मॉडल में बदलने और कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है।उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण,तार्किक क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है,ताकि वे तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें।प्रधानाचार्य नीलम बख्शी ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों की मेहनत,लगन और सीखने की जिज्ञासा का परिणाम है।बच्चों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न विषयों पर मॉडल तैयार कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।उन्होंने कहा कि प्रायोगिक शिक्षा से विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने और अपनी क्षमताओं को पहचानने में मदद मिलती है।विद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स सहित आधुनिक विषयों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें नवाचार और अनुसंधान के लिए भी प्रेरित करती हैं।रोबोटिक्स के अतिरिक्त भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान,जीव विज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित अनेक मॉडल भी विद्यार्थियों ने तैयार किए।मॉडलों को अंतिम रूप देने में मनीषा आहूजा,शिल्पा मोघा,राहुल कश्यप,दिव्या कश्यप,राखी राणा और लक्ष्मी चौहान समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विशेष सहयोग दिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में निदेशिका डॉ.विशाखा कुमार,प्रधानाचार्य नीलम बख्शी,ऋतु सिंह,चरनजीत कौर ,शिवानी गौर,शिवानी जोशी,रुचि गुप्ता,अरुण कुमार,डॉ.आरती सैनी,डिंपल शर्मा और सीमा रानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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