धामी सरकार में सचिवालय की बढ़ेंगी सुविधाएं, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
बेसमेंट में पार्किंग,ऊपरी मंजिलों पर अधिकारियों के कार्यालय और बैठक कक्ष; मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में सचिवालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के निकट 59.34करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन में अधिकारियों के कार्यालयों,बैठक कक्षों,बैंक,डाकघर और पार्किंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
परियोजना पूरी होने से सचिवालय में कार्यालयी व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने और उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन इस परियोजना के लिए 26 मार्च 2025 को शासनादेश जारी किया गया था।भवन निर्माण की कुल स्वीकृत लागत 5934.71 लाख रुपये है।इसमें 4127.05लाख रुपये सिविल कार्यों और 1807.26 लाख रुपये विद्युतीकरण के लिए निर्धारित हैं।भवन का निर्माण 34×74 मीटर आकार के प्लॉट पर किया जा रहा है।इसके लिए 2516वर्गमीटर भूमि उपलब्ध है।बेसमेंट सहित भवन की सभी मंजिलों का कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,04,480 वर्गफुट होगा।भवन के बेसमेंट में 25कारों और 100दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।इससे सचिवालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा।ग्राउंड फ्लोर पर भारतीय स्टेट बैंक,डाकघर,एक्सटेंशन लॉबी और प्रतीक्षालय की सुविधा प्रस्तावित है।इससे सचिवालय आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को बैंकिंग तथा डाक संबंधी कार्यों के लिए सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। पहली मंजिल पर सात अनुभागीय कार्यालयों और चार अनुसचिव कार्यालयों का प्रावधान किया गया है।दूसरी मंजिल पर भी इसी प्रकार की कार्यालयीय व्यवस्था प्रस्तावित है।दोनों मंजिलों का क्षेत्रफल 14,934वर्गफुट प्रति मंजिल निर्धारित है।तीसरी मंजिल पर पांच अपर सचिवों के कार्यालय,उनके स्टाफ कार्यालय,संयुक्त सचिवों के कार्यालय और एक बैठक कक्ष की व्यवस्था होगी। चौथी मंजिल का क्षेत्रफल भी तीसरी मंजिल के समान 14,934 वर्गफुट है।पांचवीं मंजिल पर सात सचिव कार्यालयों के साथ स्टाफ कार्यालय,प्रतीक्षालय और बैठक कक्ष बनाया जाएगा। इस तरह भवन में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के लिए कार्यालय और आवश्यक सहयोगी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।विभागीय विवरण के अनुसार भवन का जी$5 स्तर तक स्ट्रक्चरल कार्य पूरा हो चुका है।आंतरिक ब्लॉक चिनाई का काम भी पूरा कर लिया गया है,जबकि प्लास्टर का कार्य लगभग 90प्रतिशत पूरा है।बाहरी प्लास्टर,टेरेस पर हेवी ट्रस लगाने,टॉयलेट में प्लंबिंग और अतिरिक्त विद्युतीकरण का काम प्रगति पर है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 60प्रतिशत दर्ज की गई है।निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 निर्धारित किया गया है।भवन तैयार होने के बाद सचिवालय में अतिरिक्त कार्यालयी स्थान उपलब्ध होगा और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में सुविधा मिलेगी।सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।सचिवालय परिसर में छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण इसी प्रयास का हिस्सा है।भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालयों के साथ बैठक कक्ष,पार्किंग,बैंक और डाकघर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।इससे उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कार्यालयी कार्यों को सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।हमारा प्रयास है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा हो और भवन का उपयोग जल्द शुरू किया जा सके।
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