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इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन

 इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन 

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-गुरुकुल काँगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय ने पीएम अटल उत्कृष्ट राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ग्राम भौरी में इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में लगभग 90छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार की सोच,समस्या समाधान की क्षमता,रचनात्मकता तथा उद्यमिता की भावना को विकसित करना था।यह कार्यशाला एआईसीटीई एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय(एम.ओ.ई.)के इनोवेशन डिवीजन की पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।इस पहल के तहत विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।समविश्वविद्यालय को समन्वयक संस्था के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की गई है।इस अवसर पर संचालक डॉ.सुयश भारद्वाज एवं डॉ.लोकेश जोशी ने विद्यार्थियों को इनोवेशन की आवश्यकता और लाभ के बारे बताया।संकायाध्यक्ष प्रो.मयंक अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन छात्रों में जागरूकता पैदा करने की दिशा में सकारात्मक पहल है जिसका लाभ छात्रों को भविष्य में उनका मार्ग प्रशस्त करता है।  कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के छात्र रमन यादव ने अपने अनुभव एवं विचार साझा किए।कार्यशाला के आयोजन में विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता एवं समन्वयक शालिनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।उनके सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित किया गया। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो.मयंक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी डॉ.सुयश भारद्वाज को प्रदान की,जिसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में नवाचार एवं उद्यमिता से संबंधित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।कुलपति प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा ने कार्यक्रम की सफलता पर आयोजकों एवं विशेषज्ञों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने,उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने इस पहल को विद्यार्थियों के नवीन सोच एवं उद्यमी सोच के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। समविश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.सत्यदेव निगमालंकार ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।कहा कि आने वाले समय में इस प्रकार के कार्यक्रम अन्य विद्यालयों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी नवाचार,डिजाइन थिंकिंग एवं उद्यमिता की अवधारणाओं से परिचित होकर अपनी रचनात्मक सोच को व्यावहारिक समाधान में परिवर्तित कर सकें। 


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