पांचवी ज्योति ज्योत दिवस पर भावुक्तापूर्ण याद किए गए सतगुरु समनदास जी महाराज
विशाल संत समागम में प्रवचन करते हुए गुरू गद्दी शुक्रताल आश्रम के प्रबंधक महात्मा श्री गोरधन दास जी महाराज ने बताया कि मिशन के संस्थापक सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज अपनी गद्दी के स्वयं मालिक है जिनके आशीर्वाद और संगत के सहयोग से शुक्रताल में भव्य गुरु गद्दी का निर्माण हो रहा है और सतगुरु रविदास जी महाराज की निर्गुण भक्ति का मार्ग समझाकर गुरुजी ने आज लाखो लोगो को गंदे खान पीन और पाखंडवाद से दूर किया है जिनके विचारों पर चलकर ही मानव जीवन सफल है। उन्होंने बताया कि लाखो योनियां के बाद मनुष्य को मानव का चोला मिलता है जिसमें इंसान को सत्कार्य करते हुए गुरुजी की भजन बंदगी करनी चाहिए और सभी के सुख दुख में शामिल होना चाहिए। सेवक संदीप दास ने सभी से गुरू गद्दी शुक्रताल के निर्माण कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। महात्मा महीपाल दास, महात्मा गुरुमुख दास ब्रह्मचारी, महात्मा सतनाम दास, महात्मा श्रद्धादास, प्रचारक सतेन्द्र गौतम एडवोकेट व भीम आर्मी नेता बुल्ला शाह ने संयुक्त रूप से गुरु चरणो मे बिताए पलो को भावुकतापूर्वक याद करते हुए कहा कि सतगुरु समनदास जी ने अंधविश्वास से मुक्त कर करोड़ों मानव जीवो का उद्धार कर मोतियों की माला पिरोई है इसलिए गुरुजी के मिशन मूवमेंट को गति देना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी से संतो महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक कुरीतियों से दूर होने और भारतीय संविधान में प्रदत्त हक और अधिकारों की रक्षा करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन महात्मा मोनू दास व प्रदीप दास ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में संगत को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से सैकड़ों महात्माओं समेत जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, महात्मा राजकुमार दास ब्रह्मचारी खुरालगढ़, महात्मा बेगराज दास, रामपाल सिंह गौतम, पत्रकार एसडी गौतम, बृजपाल दास, गुरुवचन, विपिन मास्टर, सोनू कुमार, गुरुदास महाराज, अभय दास, मित्रसैन रविदासी, अनुज रविदासिया, राकेश मंडेबर, मनोज जैजान, गोविंद सरपंच, सतीश दास, पत्रकार सुनील कुमार, कपिल आदिधर्मी, विनोद सहगल, सागर समनदासिया, चंदकिरण, परविंदर, जयपाल सिंह, अनिल कुमार, टीकम बौद्ध, डॉ० राजेंद्र, अशोक कुमार, टिशु वालिया व राजेंद्र बाबू समेत हजारों अनुयाई मौजूद रहे।


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