Ticker

6/recent/ticker-posts

ग्लोकल यूनिवर्सिटी में आयोजित 10वां आयुर्वेद उत्सव हर्षोल्लास से सम्पन्न

ग्लोकल यूनिवर्सिटी में आयोजित 10वां आयुर्वेद उत्सव हर्षोल्लास से सम्पन्न

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-ग्लोकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च सेंटर में 17 से 27 सितम्बर 2025 तक “आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लैनेट” थीम पर 10वां आयुर्वेद दिवस भव्य रूप से मनाया गया। दस दिनों तक चले इस आयोजन में शैक्षणिक गतिविधियों, सामुदायिक जागरूकता, खेल, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा समावेश रहा।

उत्सव की शुरुआत 17 सितम्बर को ग्लोकल यूनिवर्सिटी के कैंपस में भव्य आयुर्वेद डे रैली से हुई, जिसका उद्घाटन प्रोफेसर डॉ. जॉन फिनबे और प्रोफेसर डॉ. रिहान शफी ने किया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने “स्वस्थ भारत–आयुर्वेद भारत” का संदेश देते हुए प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प किया। 18 सितम्बर को मिर्ज़ापुर पोल में स्कूल हेल्थ कैम्प आयोजित किया गया, जहाँ हाथ धोने की सही तकनीक, सामान्य स्वास्थ्य जाँच और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्तनपान व मातृ स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाई गई। इसी दिन विशेष “शी फॉर हर” महिला स्वास्थ्य कार्यक्रम हुआ, जिसका नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. नित्या के. और डॉ. चिंदु बी. ने किया। इसमें किशोरियों और ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण और निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर मार्गदर्शन दिया गया।22 सितम्बर को ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की श्रृंखला में “कैंपस बाइट्स” फूड फेस्ट, औषधीय पौधों की प्रदर्शनी, मेडिसिनल फॉर्मुलेशन एक्सपो, प्रकृति परीक्षण और आईईसी मटेरियल प्रदर्शनी शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने आयुर्वेदिक व्यंजन, जड़ी-बूटियों का महत्व, पारंपरिक औषधि निर्माण और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े रचनात्मक मॉडल प्रस्तुत किए।
मुख्य समारोह 23 सितम्बर को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें दीप प्रज्वलन, छात्र नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और शोध-पत्र वाचन हुआ। इसके बाद 24 से 26 सितम्बर तक आयोजित बैडमिंटन और वॉलीबॉल टूर्नामेंट ने खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा दिया। मिक्स्ड डबल्स बैडमिंटन में गौरव सैनी और रिमझिम सिंह विजेता रहे, जबकि वॉलीबॉल में ग्लोकल लॉ स्कूल टीम ने खिताब जीता।समापन 27 सितम्बर को रंगारंग कार्यक्रम एवं रंगोली प्रतियोगिता ग्रैंड फिनाले से हुआ, जिसका उद्घाटन प्रोफेसर जॉन फिनबे, डॉ. शिवानी तिवारी और प्रोफेसर संजय कुमार ने किया तथा निर्णायक मंडल में डॉ. एकता और डॉ. नेहा शामिल रहीं। प्रथम पुरस्कार शंभवी, आस्था, नेहा, हम्ज़ा और साद की टीम को तथा द्वितीय पुरस्कार निधि, अंशिका, शादमा, खुशी और वंशिका को मिला।यह दस दिवसीय उत्सव आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और पर्यावरण संतुलन को जन-जन तक पहुँचाने का सफल प्रयास रहा, जिसने “स्वस्थ भारत – आयुर्वेद भारत” के संकल्प को और मजबूत किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

तमाम चुनौतियों के बावजूद महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया-सपना सोम