Ticker

6/recent/ticker-posts

उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच घोषणा पर हस्ताक्षर का आईआईटी रुड़की ने किया समर्थन

उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच घोषणा पर हस्ताक्षर का आईआईटी रुड़की ने किया समर्थन 

शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान सहभागिता और क्षमता निर्माण को समर्थन देंगे आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम 

रिपोर्ट श्रवण झा

हरिद्वार-आईआईटी रुड़की ने उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता,सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान,प्रौद्योगिकी,नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम द्वारा समन्वित संयुक्त अनुसंधान,नवाचार,नीति संवाद और शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है।इस घोषणा के अंतर्गत बहुआयामी सहयोग की परिकल्पना की गई है,जिसमें एक संयुक्त सूचना एवं कौशल केंद्र की स्थापना,भारत-जर्मनी स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित एक उद्योग संपर्क कार्यालय का सृजन,संयुक्त डिग्री पहलों सहित राज्य-स्तरीय संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास,चिन्हित प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं,तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है।दोनों सरकारों, आईआईटी रुड़की,यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्यबल का गठन किया जाएगा,जो प्राथमिक पहलों की पहचान करेगा, सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन का प्रस्ताव करेगा।प्रतिनिधिमंडलों में आईआईटी रुड़की के प्रतिनिधि शामिल थे,जिनका नेतृत्व निदेशक प्रो.के.के.पंत ने किया,साथ ही प्रो.वी.सी. श्रीवास्तव,डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध),तथा एसोसिएट प्रोफेसर अंकित अग्रवाल भी उपस्थित थे; उत्तराखंड सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा और वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.त्रिप्ता ठाकुर शामिल थी।जबकि जर्मन प्रतिनिधिमंडल में ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान,अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ.मान्या शुले, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो.ओलिवर ग्यूंथर,ब्रांडेनबुर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कॉटबस-सेनफ्टेनबर्ग के अंतरराष्ट्रीयकरण के उपाध्यक्ष प्रो. वोल्फ्राम बर्गर,तथा ब्रांडेनबुर्ग राज्य के विज्ञान,अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय से डॉ.वीरा ज़ीगेलडॉर्फ शामिल थीं। आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम की उपस्थिति में हस्ताक्षरित यह संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा के रूप में कार्य करेगी तथा भविष्य की संस्थागत एवं कार्यक्रम-आधारित सहभागिताओं की नींव रखेगी।इस अवसर पर बोलते हुए, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो.के.के.पंत ने कहा,“मैं भारत के उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी समझौतेकृसंयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर होते हुए देखकर अत्यंत प्रसन्न हूं।दोनों राज्यों के अधिकारियों तथा आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के संकाय सहयोगियों के प्रति उनके निरंतर समर्थन और समर्पित प्रयासों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं,जिन्होंने हमारी दोनों सरकारों की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।यह संयुक्त आशय घोषणा उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच अनेक नई पहलों का मार्ग प्रशस्त करेगी,जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के सहयोग से सशक्त होंगी,तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के ‘विकसित भारत 2047’के दृष्टिकोण में नवाचार- आधारित,सतत विकास के माध्यम से योगदान देंगी।”यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो.ओलिवर ग्यूंथर ने कहा,“संयुक्त आशय घोषणा ब्रांडेनबुर्ग और उत्तराखंड के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक मूल्यवान रूपरेखा स्थापित करती है।यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम ,आईआईटी रुड़की के साथ मिलकर आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान,शैक्षणिक आदान-प्रदान और ज्ञान-साझाकरण को समर्थन देने के लिए तत्पर है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

जिला प्रशासन का मिशन सफाई;