जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने की अंकिता प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट श्रवण झा
हरिद्वार-जन अधिकार पार्टी जनशक्ति के राष्ट्रीय सचिव तरुण कौशिक ने कहा कि अंकिता भंडारी में वीआईपी का नाम जानने और कार्रवाई के लिए प्रदेश की जनता सड़को पर आंदोलन कर रही है।सरकार को प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वीआईपी का नाम सामने लाना चाहिए।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए तरूण कौशिक ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। जनप्रतिनिधियों को चुप्पी तोड़कर उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठानी चाहिए।उन्होंने आरोपी लगाया कि मनसा देवी मंदिर हादसे की जांच को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।मनसा देवी में हुई भगदड़ में कई श्रद्धांलुओं की जान गयी थी। इस मामले में क्या जांच हुई।आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है।अगले वर्ष कुंभ मेला होना है। ऐेसे में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने कहा कि अंकिता भण्डारी के न्याय के लिए पार्टी जनता के साथ है और 11 जनवरी के उत्तराखंड बंद को हमारा समर्थन है।सरकार उत्तराखण्ड की जनता को कभी पुलिस के माध्यम से कभी अन्य बातो में उलझा रही है।मुख्यमंत्री न तो सीबीआई जांच की बात क़र रहे हैं और न ही कोई संतोषजनक जवाब दें रहे हैं।हेमा भण्डारी ने कहा कि उर्मिला सनावर नार्काे टेस्ट करवाने को तैयार हैं,तो जिन नेताओं के रिकॉर्डिंग में नाम है।उनका भी नार्काे टेस्ट करवाया जाए।उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में और राष्ट्रपति के संरक्षण में हो।वार्ता में जिला अध्यक्ष मो.आलिम अंसारी,युवा जिलाध्यक्ष विजेंद्र चौधरी,जिला सचिव जावेद,विधानसभा अध्यक्ष ग्रामीण सावेद,युवा नेता अमन जैन मौजूद रहे।
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