मदरसे इस्लाम के वो मजबूत क़िले हैं जो इल्म की रोशनी फैलाते हैं और बुराइयों से बचना सिखाते हैं।-हज़रत मुफ़्ती आरिफ़ मज़ाहिरी
नोजवान बुराइयों से दूर रहे ओर दूसरे लोगों को भी बुराइयों से बचाए-मौलाना ओसामा सिद्दीकी
रिपोर्ट डाँ ताहिर मलिक/अमन मलिक
रामपुर मनिहारान-हज़रत मुफ़्ती आरिफ़ मज़ाहिरी ने कहा कि मदरसे इस्लाम के वो मजबूत क़िले हैं जो इल्म की रोशनी फैलाते हैं और बुराइयों से बचना सिखाते हैं।
मदरसा जामिया इस्लामिया मसीहुल उलूम के सालाना इजलास में ख़िताब करते हुए हज़रत मुफ़्ती आरिफ़ मज़ाहिरी ने कहा कि अपने बच्चों की तालीम पर खूब ख़र्च करना चाहिए।दीनी और दुनियावी तालीम दिलानी चाहिए।उन्होंने कहा कि मदरसे इस्लाम के मज़बूत क़िले हैं जो इल्म की रोशनी फैलाते हैं और बुराइयों से बचाते हैं।उन्होंने सामाजिक बुराइयों से बचने और बच्चों पर ध्यान रखने की अपील की।बैंगलोर से आए हज़रत मौलाना मासूम मिफ्ताहि ने कहा कि हमारे सामने जो परेशानियां आ रही हैं उसकी वजह है हमने अल्लाह के अहकाम और नबी की सुन्नतों से ख़ुद को दूर कर लिया है।दोनों जहानों में कामयाबी के लिए इन पर अमल करें।मौलाना ओसामा सिद्दीकी ने कहा कि नोजवानो को आगे आकर बुराइयों को दूर करना चाहिए।मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि दिखावे से बचना चाहिए।शादी में फ़िज़ूल खर्ची बंद होनी चाहिए।मदरसों मस्जिदों को आबाद करना चाहिए।बच्चों को अच्छी तालीम दिलाकर उनके मुस्तक़बिल को रोशन करना चाहिए।मदरसा प्रबंधन कारी असजद ने मदरसे की रिपोर्ट व बजट पेश किया।मुफ़्ती आरिफ़ मज़ाहिरी ने अमनो अमान की दुआ कराई।इस दौरान क़ाज़ी अब्दुल बासित,डॉ वासिफ ज़फ़र,आफ़ताब मलिक,कारी अम्मार, कारी सालिक,आस मोहम्मद सैफ़ी,हाफ़िज़ हकीम शहज़ाद, इस्तेखार, कारी नासिर,हाफ़िज़ अब्दुल गफ़्फ़ार, नवाज़िश रशीदी, इमरान, शाहनवाज़ आदि काफी लोग मौजूद रहे।
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